थायरॉइड की समस्या को अक्सर लोग केवल मोटापा या तेजी से वजन कम होने से जोड़कर देखते हैं, जबकि यह बीमारी कई अलग-अलग रूपों में हो सकती है। गर्दन के सामने स्थित तितली के आकार की थायरॉइड ग्रंथि टी3 (ट्राईआयोडोथायरोनिन) और टी4 (थायरॉक्सिन) हार्मोन बनाती है, जो शरीर के मेटाबॉलिज्म, ऊर्जा स्तर, हृदय गति, तापमान और पाचन जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को नियंत्रित करते हैं। जब इन हार्मोनों का स्तर असंतुलित हो जाता है, तो कई प्रकार के थायरॉइड रोग विकसित हो सकते हैं।
थायरॉइड ग्रंथि कैसे प्रभावित होती है?
विशेषज्ञों के अनुसार थायरॉइड ग्रंथि ऑटोइम्यून रोग, आयोडीन की कमी या अधिकता, वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण, आनुवंशिक कारण, रेडिएशन के संपर्क और कुछ दवाओं के प्रभाव से प्रभावित हो सकती है। समय पर जांच होने पर अधिकांश थायरॉइड रोगों का इलाज संभव है।
थायरॉइड की 5 प्रमुख बीमारियां
हाइपोथायरायडिज्म
इस स्थिति में थायरॉइड ग्रंथि पर्याप्त मात्रा में हार्मोन नहीं बना पाती। यह समस्या महिलाओं और बुजुर्गों में अधिक देखी जाती है। इसके प्रमुख लक्षण हैं लगातार थकान, वजन बढ़ना, ठंड अधिक लगना, कब्ज, त्वचा का सूखापन और बाल झड़ना।
हाइपरथायरायडिज्म
जब थायरॉइड ग्रंथि जरूरत से ज्यादा हार्मोन बनाने लगती है, तो शरीर का मेटाबॉलिज्म तेज हो जाता है। इसके लक्षणों में तेजी से वजन घटना, दिल की धड़कन बढ़ना, घबराहट, अधिक पसीना आना, हाथ कांपना और नींद की समस्या शामिल हैं। ग्रेव्स डिजीज इसका एक प्रमुख कारण माना जाता है।
थायरॉइडाइटिस
थायरॉइड ग्रंथि में सूजन आने की स्थिति को थायरॉइडाइटिस कहा जाता है। यह संक्रमण, ऑटोइम्यून प्रतिक्रिया या प्रसव के बाद होने वाले हार्मोनल बदलावों के कारण हो सकता है। इसमें गर्दन में दर्द या संवेदनशीलता, थकान, हार्मोन स्तर में उतार-चढ़ाव और वजन में बदलाव जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।
घेंघा (गोइटर)
थायरॉइड ग्रंथि का असामान्य रूप से बढ़ जाना घेंघा कहलाता है। इसमें गर्दन के सामने सूजन दिखाई दे सकती है। इसके कारणों में आयोडीन की कमी, हार्मोन असंतुलन और अन्य थायरॉइड रोग शामिल हैं। निगलने में परेशानी, सांस लेने में कठिनाई और गले में दबाव इसके सामान्य लक्षण हैं।
थायरॉइड कैंसर
यह थायरॉइड की सबसे गंभीर बीमारियों में माना जाता है। इसमें थायरॉइड कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं। इसके लक्षणों में गर्दन में गांठ, आवाज बैठना, निगलने में परेशानी, लगातार खांसी और गर्दन में सूजन शामिल हैं। हालांकि समय पर पहचान और उपचार से अधिकांश मामलों में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।
कब कराएं जांच?
यदि आपको लगातार थकान, वजन में अचानक बदलाव, दिल की धड़कन तेज होना, गर्दन में सूजन, आवाज में बदलाव या निगलने में परेशानी जैसे लक्षण महसूस हों, तो थायरॉइड की जांच कराने और एंडोक्राइनोलॉजिस्ट या चिकित्सक से परामर्श लेने में देर नहीं करनी चाहिए।


