महिलाओं में मासिक धर्म के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव, लंबे समय तक पीरियड्स बने रहना या असामान्य योनि स्राव (वजाइनल डिस्चार्ज) कुछ मामलों में गायनेकोलॉजिकल कैंसर का शुरुआती संकेत हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार यदि पीरियड्स सात दिन से अधिक चलें, हर दो घंटे से कम समय में पैड या टैम्पोन बदलना पड़े, बड़े रक्त के थक्के आएं या अत्यधिक थकान महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
गायनेकोलॉजिकल कैंसर महिलाओं के प्रजनन अंगों जैसे गर्भाशय (यूटरस), अंडाशय (ओवरी), गर्भाशय ग्रीवा (सर्विक्स), वजाइना और वल्वा को प्रभावित कर सकता है। समय पर पहचान होने पर इसका उपचार अधिक प्रभावी होता है।
किन लक्षणों पर तुरंत ध्यान दें?
विशेषज्ञों के अनुसार निम्न स्थितियों में स्त्री रोग विशेषज्ञ (गायनेकोलॉजिस्ट) से परामर्श लेना चाहिए:
- पीरियड्स सात दिनों से अधिक चलना
- दो घंटे से कम समय में पैड या टैम्पोन बदलना पड़ना
- बड़े या अधिक रक्त के थक्के आना
- अत्यधिक थकान या कमजोरी महसूस होना
- निचले पेट में लगातार दर्द रहना
- सामान्य से अधिक या असामान्य वजाइनल डिस्चार्ज होना
अन्य संभावित संकेत
लगातार पेट फूलना, पेट भरा-भरा महसूस होना, भूख कम लगना, पीठ या पेल्विक क्षेत्र में दर्द, बार-बार पेशाब आना, कब्ज, वल्वा में खुजली, जलन, घाव या त्वचा के रंग में बदलाव जैसे लक्षण भी कुछ प्रकार के गायनेकोलॉजिकल कैंसर से जुड़े हो सकते हैं।
समय पर जांच से इलाज संभव
कैंसर का उपचार उसके प्रकार और अवस्था (स्टेज) पर निर्भर करता है। शुरुआती अवस्था में पहचान होने पर सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी, टारगेटेड थेरेपी या इम्यूनोथेरेपी जैसे उपचारों से अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। नियमित स्त्री रोग जांच, सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग और एचपीवी टीकाकरण (जहां उपयुक्त हो) जोखिम कम करने में मददगार माने जाते हैं।
यदि किसी महिला को लगातार असामान्य रक्तस्राव, पीरियड्स में असामान्य बदलाव या असामान्य डिस्चार्ज हो रहा है, तो स्वयं उपचार करने के बजाय जल्द से जल्द स्त्री रोग विशेषज्ञ से जांच कराना सबसे सुरक्षित कदम है।


