राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खटुन्दरा करणी माता मंदिर को स्थानीय लोग नौकरी वाली करणी माता के नाम से जानते हैं। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से दर्शन और प्रार्थना करने पर रोजगार की मनोकामना पूरी होती है। यही कारण है कि राजस्थान समेत देश के कई राज्यों से युवा सरकारी और निजी नौकरी की कामना लेकर इस मंदिर में पहुंचते हैं।
सीकर जिला मुख्यालय से करीब 44 किलोमीटर दूर खंडेला क्षेत्र के खटुन्दरा गांव में स्थित यह मंदिर वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बार-बार प्रतियोगी परीक्षाओं या साक्षात्कार में असफल होने वाले अभ्यर्थी भी यहां आकर माता के दरबार में अर्जी लगाते हैं और मनोकामना पूरी होने का विश्वास लेकर लौटते हैं।
कैसे लगाई जाती है नौकरी की अर्जी
मंदिर में अर्जी लगाने की एक विशेष परंपरा मानी जाती है। श्रद्धालु लाल कपड़े में एक नारियल रखकर उसे कलावे से बांधते हैं और माता के चरणों में अर्पित करते हैं। मान्यता है कि सच्ची श्रद्धा के साथ यह अर्जी लगाने वाले भक्त की रोजगार संबंधी इच्छा पूरी होती है। बड़ी संख्या में प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे युवा भी यहां दर्शन के लिए आते हैं।
छोटे मंदिर से जुड़ी बड़ी मान्यता
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह मंदिर आकार में भले ही बहुत बड़ा नहीं है, लेकिन इसकी मान्यता दूर-दूर तक फैली हुई है। कहा जाता है कि यहां आने वाला कोई भी श्रद्धालु निराश नहीं लौटता और माता से की गई प्रार्थना अवश्य सुनी जाती है।
प्रसाद भी है खास
इस मंदिर की एक विशेषता इसका प्रसाद भी है। यहां सामान्य मिठाई के बजाय श्रद्धालुओं को रोटी का प्रसाद दिया जाता है, जिसे माता का आशीर्वाद माना जाता है। वर्षों पुरानी इस परंपरा को आज भी श्रद्धापूर्वक निभाया जाता है।



