नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर उन लोगों को नमन किया, जिन्होंने विभाजन के भयावह दौर से गुजरने के बाद देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने देशवासियों से सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और मजबूत करने का आह्वान किया।

पीएम मोदी ने साहस और संकल्प को किया नमन
प्रधानमंत्री ने शुक्रवार सुबह सामाजिक मंच ‘एक्स’ पर संदेश जारी करते हुए कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर उन सभी देशवासियों को हृदय से नमन, जिन्होंने उस वीभत्स दौर से निकलकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने अपने साहस और सामर्थ्य से यह साबित किया कि विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को पूरा किया जा सकता है।
प्रधानमंत्री ने देशवासियों से सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करने का आह्वान किया।
‘पुरुषार्थ ही भाग्य का निर्माता’
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर ‘सुभाषितम्’ भी साझा किया। उन्होंने लिखा- “उद्यमस्य प्रसादेन दृश्यन्ते विविधाः कलाः। कातरा एव जल्पन्ति यद् भाव्यं तद् भविष्यति॥”
इसका अर्थ बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि परिश्रम, उद्यम और पुरुषार्थ से ही विभिन्न कलाएं, विज्ञान, तकनीकी कौशल, शिल्प और नवाचार विकसित होते हैं तथा सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को भाग्य के भरोसे बैठने के बजाय साहस, कर्मठता और निरंतर प्रयास के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ना चाहिए, क्योंकि पुरुषार्थ ही भाग्य का निर्माता है।



