रायपुर। महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप से जुड़े धनशोधन मामले में रायपुर की विशेष प्रवर्तन निदेशालय (पीएमएलए) अदालत ने ई-बिक्स समूह के चेयरमैन विकास गर्ग को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की 10 दिन की अभिरक्षा अवधि समाप्त होने के बाद शुक्रवार को उन्हें अदालत में पेश किया गया।
पूछताछ में मिले कई अहम सुराग
जांच एजेंसी के सूत्रों के अनुसार, 10 दिनों की पूछताछ के दौरान विकास गर्ग ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं। ईडी का दावा है कि उनके महादेव ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क के कथित संचालक सौरभ चंद्राकर से करीबी संबंध थे। जांच में सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल और उनकी पत्नियों के बैंक खातों में धन जमा कराने तथा कथित अवैध कमाई को वैध बनाने से जुड़े साक्ष्य मिलने की बात कही गई है।
ईडी के आरोप के अनुसार, विकास गर्ग ने महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप और स्काई एक्सचेंज से जुड़ी कथित अवैध कमाई को अपनी शेल कंपनियों, सूचीबद्ध कंपनियों और विदेशी निवेशों के माध्यम से वैध धन में बदलने का काम किया।
विदेशी निवेश और बड़ी हिस्सेदारी खरीद की जांच
जांच में यह भी सामने आया है कि कथित अवैध धन का उपयोग विदेशों में निवेश करने और लगभग 1,175 करोड़ रुपये में एक अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनी में नियंत्रण हिस्सेदारी खरीदने के लिए किया गया। पूछताछ के दौरान ईडी को वित्तीय लेनदेन से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य साक्ष्य भी मिले हैं।
जांच एजेंसी के अनुसार, विकास गर्ग विकास इकोटेक लिमिटेड, विकास लाइफकेयर लिमिटेड और एराया लाइफस्पेसेस लिमिटेड के प्रवर्तक हैं। ईडी का आरोप है कि एराया लाइफस्पेसेस लिमिटेड के माध्यम से कथित अवैध धन का उपयोग कर ई-बिक्स कैश में 64 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की गई। विकास गर्ग को 14 जुलाई को उनके दिल्ली स्थित आवास से गिरफ्तार किया गया था।


