HomeBreaking Newsतीन दिन बाद खुला एनएच-44, आज से फिर शुरू हुयी अमरनाथ यात्रा

तीन दिन बाद खुला एनएच-44, आज से फिर शुरू हुयी अमरनाथ यात्रा

जम्मू। लगातार बारिश, भूस्खलन और पत्थर गिरने के कारण तीन दिनों से बंद जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-44) को शुक्रवार देर रात सीमित आवाजाही के लिए खोल दिया गया। इसके साथ ही 25 जुलाई से कड़ी सुरक्षा और यातायात पाबंदियों के बीच श्री अमरनाथ यात्रा का काफिला फिर से रवाना होगा। यह राजमार्ग कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाली प्रमुख सड़क है।

बारिश और भूस्खलन से ठप हुआ था यातायात

लगातार बारिश के चलते रामबन और बनिहाल के बीच कई संवेदनशील स्थानों पर भूस्खलन और पत्थर गिरने से एनएच-44 बंद हो गया था। इससे अमरनाथ यात्रियों समेत हजारों लोग रास्ते में फंस गए थे। प्रशासन ने दिन-रात अभियान चलाकर मलबा हटाया, फंसे वाहनों को निकाला और सड़क को फिर से यातायात योग्य बनाया।

कड़े नियमों के साथ होगी आवाजाही

यातायात पुलिस मुख्यालय के अनुसार, मौसम और सड़क की स्थिति अनुकूल रहने पर जम्मू और श्रीनगर दोनों ओर से अमरनाथ यात्रा के काफिले, हल्के मोटर वाहन, यात्री बसें और निजी कारें निर्धारित समय सीमा के अनुसार चल सकेंगी। वहीं भारी मालवाहक वाहनों की आवाजाही एक दिन छोड़कर एक दिन की व्यवस्था के तहत जारी रहेगी, ताकि यात्रा निर्बाध रूप से संचालित हो सके।

प्रशासन ने यात्रियों को रात में यात्रा नहीं करने की सलाह दी है। साथ ही कहा है कि यात्रा शुरू करने से पहले यातायात नियंत्रण इकाई से सड़क की ताजा स्थिति की जानकारी अवश्य लें।

वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह

यातायात का दबाव कम करने के लिए श्रीनगर जाने वाले स्थानीय यात्रियों को पुरानी जवाहर सुरंग मार्ग का उपयोग करने की सलाह दी गई है। वहीं डोडा, किश्तवाड़, भद्रवाह और आसपास के क्षेत्रों में जाने वाले यात्रियों को पटनीटॉप मार्ग अपनाने को कहा गया है।

इसके अलावा खाली पेट्रोलियम टैंकरों, खाली ट्रकों और अन्य निर्धारित वाहनों को जम्मू लौटते समय मुगल मार्ग का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि एनएच-44 पर यात्रा और आवश्यक यातायात सुचारु बना रहे।

सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ी

अमरनाथ यात्रा को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। सेना और अन्य सुरक्षा बलों को अपने काफिलों की आवाजाही यात्रा काफिलों के गुजरने के बाद करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे तीर्थयात्रियों की सुरक्षित और निर्बाध यात्रा सुनिश्चित की जा सके।

अधिकारियों ने कहा कि मौसम अभी भी अनिश्चित बना हुआ है। ऐसे में एनएच-44 की स्थिति की प्रतिदिन समीक्षा की जाएगी और हालात के अनुसार यातायात व्यवस्था में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे।

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