रिपोट : शेख अशरफ अली
सिल्ली। सिल्ली–मुरी–बोकारो रेलखंड पर शनिवार देर रात श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेन की एक बोगी अचानक बेपटरी हो गई। हादसे के समय ट्रेन में श्रावणी मेला से लौट रहे बड़ी संख्या में कांवरिया सवार थे। राहत की बात यह रही कि तेज झटके के बावजूद किसी यात्री के घायल होने या जनहानि की सूचना नहीं है। घटना के बाद यात्रियों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई, लेकिन रेलवे की त्वरित कार्रवाई से स्थिति को संभाल लिया गया और यात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्य की ओर रवाना किया गया।
रेलवे के अनुसार, ट्रेन संख्या 08895 श्रद्धालुओं को लेकर मधुपुर की ओर जा रही थी। रात करीब 2:30 बजे पोल संख्या 354/एसए4 के पास इंजन से तीसरी बोगी अचानक पटरी से उतर गई। बेपटरी हुई बोगी का कोच संख्या एसईसी 64776 बताया गया है। बोगी के पटरी से उतरते ही यात्रियों को तेज झटका महसूस हुआ, जिससे ट्रेन में सवार लोग सहम गए और कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्रेया सिंह ने बताया कि घटना में किसी यात्री को चोट नहीं आई है। उन्होंने कहा कि यात्रियों को केवल हल्का झटका महसूस हुआ, लेकिन सभी यात्री सुरक्षित हैं। घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे प्रशासन ने तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया।
यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए रेलवे की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था की गई। प्रभावित रेलखंड पर परिचालन में आवश्यक बदलाव किए गए और यात्रियों को दूसरी ट्रेनों के माध्यम से आगे भेजा गया। बोकारो जाने वाले यात्रियों के लिए अलग से परिवहन और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं भी की गईं, ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
घटना की सूचना मिलते ही हटिया मंडल के मंडल रेल प्रबंधक, रेलवे सुरक्षा बल, राजकीय रेलवे पुलिस और तकनीकी विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। तकनीकी टीम ने बेपटरी हुई बोगी को दोबारा पटरी पर लाने और रेल परिचालन को सामान्य करने का काम शुरू किया। अधिकारियों की निगरानी में प्रभावित रेलखंड पर सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई।
घटना के बाद यात्रियों ने रेलवे की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। यात्रियों का कहना था कि हादसे के बाद रेलवे अधिकारियों ने समय रहते स्थिति को नियंत्रित किया और सभी यात्रियों को सुरक्षित आगे भेजने की व्यवस्था की, जिससे बड़ी अनहोनी टल गई।
रेलवे ने बोगी के बेपटरी होने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक स्तर पर तकनीकी कारणों की संभावना जताई जा रही है, हालांकि घटना की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। रेलवे की तकनीकी टीम ट्रैक और कोच की स्थिति की भी जांच कर रही है।



