पुरी के भगवान जगन्नाथ मंदिर का प्रसिद्ध महाप्रसाद खाजा अब घर पर भी आसानी से बनाया जा सकता है। सही विधि अपनाने से इसकी परतें कुरकुरी बनती हैं और स्वाद भी पारंपरिक जैसा आता है। हालांकि, एक छोटी सी गलती पूरी मिठाई खराब कर सकती है।
मैदा और घी का सही मोयन बनाएं
एक बर्तन में मैदा लें और उसमें पर्याप्त मात्रा में शुद्ध देसी घी मिलाकर अच्छी तरह मसलें। मोयन इतना हो कि मैदा मुट्ठी में दबाने पर बंध जाए। इसके बाद थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर मध्यम सख्त आटा गूंथ लें और 15 मिनट के लिए ढककर रख दें।
पतली रोटियां बेलकर तैयार करें परतें
आराम किए हुए आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाएं और उन्हें बहुत पतला बेलें। एक रोटी पर घी लगाकर थोड़ा सूखा मैदा छिड़कें, फिर दूसरी रोटी रखें। इसी तरह 4-5 रोटियों की परतें तैयार करें।
रोल बनाते समय यह गलती न करें
सभी परतों को कसकर रोल करें। रोल का आखिरी किनारा बंद करते समय उस पर थोड़ा पानी जरूर लगाएं, ताकि वह अच्छी तरह चिपक जाए। अगर ऐसा नहीं किया, तो तलते समय परतें खुल सकती हैं और खाजा सही नहीं बनेगा।
धीमी आंच पर तलें, फिर चाशनी में डुबोएं
रोल को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर हल्का बेल लें। इन्हें धीमी से मध्यम आंच पर सुनहरा होने तक तलें। दूसरी ओर चीनी, पानी और केसर से एक तार की चाशनी तैयार करें। तले हुए गरम खाजा को कुछ देर चाशनी में डुबोकर निकाल लें। चाहें तो ऊपर से खांड छिड़ककर भोग लगाएं।
ध्यान रखें
- आटा न ज्यादा नरम हो, न बहुत सख्त।
- रोटियां जितनी पतली होंगी, परतें उतनी बेहतर बनेंगी।
- हमेशा धीमी आंच पर ही तलें।
- रोल का किनारा पानी से सील करना न भूलें।
