Homeराष्ट्रीय12% से ज्यादा अल्कोहल वाली दवाएं अब बिना पर्ची नहीं मिलेंगी

12% से ज्यादा अल्कोहल वाली दवाएं अब बिना पर्ची नहीं मिलेंगी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने अधिक मात्रा में एथाइल अल्कोहल (इथेनॉल) युक्त दवाओं की बिक्री और वितरण के नियम सख्त कर दिए हैं। अब 12 प्रतिशत से अधिक एथाइल अल्कोहल वाली और 30 मिलीलीटर से बड़ी पैकिंग में मिलने वाली दवाएं बिना डॉक्टर के पर्चे के नहीं बेची जा सकेंगी। सरकार का उद्देश्य इन दवाओं के दुरुपयोग पर रोक लगाना और जरूरतमंद मरीजों तक इनकी सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करना है।

दुरुपयोग रोकने के लिए सख्त कदम

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, इलायची, अदरक और अन्य सुगंधित औषधीय टिंचर जैसी कुछ दवाओं को पहले अनुसूची-के के तहत लाइसेंस संबंधी छूट मिली हुई थी। इनमें से कई दवाओं में 80 से 90 प्रतिशत तक एथाइल अल्कोहल पाया जाता है, जिसका कुछ लोग नशे के लिए गलत इस्तेमाल कर रहे थे। कई राज्यों ने भी इस संबंध में चिंता जताई थी।

अब लाइसेंस और डॉक्टर का पर्चा अनिवार्य

नए नियमों के तहत 12 प्रतिशत से अधिक एथाइल अल्कोहल वाली और 30 मिलीलीटर से अधिक पैकिंग वाली दवाओं को अनुसूची-के की छूट से बाहर कर दिया गया है। अब इनके निर्माण और बिक्री के लिए औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के तहत लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा।

साथ ही, इन दवाओं को ड्रग्स रूल्स, 1945 की अनुसूची-एच1 में शामिल किया गया है। इसका मतलब है कि अब ये दवाएं केवल पंजीकृत चिकित्सक के पर्चे पर ही बेची जाएंगी। दवा विक्रेताओं को इनकी बिक्री का पूरा रिकॉर्ड भी रखना होगा।

निगरानी होगी और सख्त

मंत्रालय का कहना है कि नए नियम लागू होने से अल्कोहल युक्त दवाओं की आपूर्ति केवल अधिकृत दवा वितरण प्रणाली के जरिए होगी। इससे इनका गलत इस्तेमाल और अवैध बिक्री पर रोक लगाने में मदद मिलेगी, जबकि वास्तविक मरीजों को जरूरत के अनुसार दवाएं मिलती रहेंगी।

जनस्वास्थ्य की सुरक्षा पर जोर

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह फैसला दवा नियामक व्यवस्था को मजबूत बनाने, दवाओं के जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देने और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। इस संबंध में संशोधित नियमों को राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से लागू कर दिया गया है।

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