नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने 10 जुलाई को अपना 77वां जन्मदिन मनाया। इस खास मौके पर उन्हें क्रिकेट जगत से ढेरों शुभकामनाएं मिलीं, लेकिन पूर्व विस्फोटक सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग का संदेश सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। सहवाग ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट लिखकर गावस्कर की निडर बल्लेबाजी को याद किया और कहा कि उन्होंने सिर्फ रन ही नहीं बनाए, बल्कि पूरी पीढ़ी को डर के सामने डटकर खड़ा होना सिखाया।
बिना हेलमेट खेलकर रचा इतिहास
वीरेंद्र सहवाग ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर लिखा कि सुनील गावस्कर उस दौर में बिना हेलमेट दुनिया के सबसे खतरनाक तेज गेंदबाजों का सामना करते थे। उन्होंने डेनिस लिली, एंडी रॉबर्ट्स, माइकल होल्डिंग, जोएल गार्नर और मैल्कम मार्शल जैसे दिग्गज गेंदबाजों के नाम लेते हुए कहा कि आज के दौर में खिलाड़ी नेट्स पर गेंदबाजी मशीन के सामने भी पूरी सुरक्षा के साथ अभ्यास करते हैं, जबकि गावस्कर ने कठिन परिस्थितियों में भी कभी हिम्मत नहीं हारी।
‘अगर क्रिकेट फिल्म होती तो गावस्कर होते शोले’
अपने संदेश में सहवाग ने लिखा, “अगर क्रिकेट एक फिल्म होती, तो सुनील गावस्कर ‘शोले’ होते। हैप्पी बर्थडे सनी भाई। आपने सिर्फ रन ही नहीं बनाए, बल्कि पूरी पीढ़ी को सिखाया कि डरने की जरूरत नहीं होती।” सहवाग का यह संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और क्रिकेट प्रशंसक भी इसे खूब पसंद कर रहे हैं।
टेस्ट क्रिकेट के पहले 10 हजार रन बनाने वाले बल्लेबाज
सुनील गावस्कर का नाम क्रिकेट इतिहास के महानतम सलामी बल्लेबाजों में लिया जाता है। वह टेस्ट क्रिकेट में 10 हजार रन का आंकड़ा छूने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बने थे। उन्होंने 1971 से 1987 तक भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए 125 टेस्ट मैचों में 10,122 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 34 शतक और 45 अर्धशतक निकले। वहीं, 108 एकदिवसीय मुकाबलों में उन्होंने 3,092 रन बनाए। उनकी तकनीक और तेज गेंदबाजों के खिलाफ निडर बल्लेबाजी आज भी मिसाल मानी जाती है।
क्रिकेट जगत के लिए प्रेरणा हैं गावस्कर
सुनील गावस्कर को भारतीय क्रिकेट की मजबूत नींव रखने वाले खिलाड़ियों में गिना जाता है। उनकी बल्लेबाजी ने आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित किया। सचिन तेंदुलकर समेत कई दिग्गज खिलाड़ियों ने भी उन्हें अपना आदर्श बताया है। उनके जन्मदिन पर सहवाग का यह संदेश सिर्फ शुभकामना नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट में उनके योगदान को सम्मान देने का एक खास अंदाज भी माना जा रहा है।
