पूर्वी सिंहभूम। भारत के प्रमुख प्रबंधन संस्थान एक्सएलआरआइ-जेवियर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट, जमशेदपुर और इंडियन फ़ाउंडेशन फॉर क्वालिटी मैनेजमेंट (आइएफक्यूएम) ने क्वालिटी मैनेजमेंट शिक्षा को नया आयाम देने के उद्देश्य से एक ऐतिहासिक एमओयू पर शनिवार को हस्ताक्षर किए। समारोह की शुरुआत प्रोडक्शन, ऑपरेशंस और डिसीजन साइंसेज विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. दीपांकर बोस द्वारा स्वागत भाषण से हुई। कार्यक्रम में आइएफक्यूएम के सीईओ सौमित्र भट्टाचार्य समेत वरिष्ठ प्रतिनिधि और टाटा स्टील से पीयूष गुप्ता तथा त्रिप्ति श्रीवास्तव शामिल हुए। एक्सएलआरआइ की ओर से डॉ. संजय पात्रो, डॉ. जे. अजित कुमार और डॉ. अभिषेक चक्रवर्ती ने भागीदारी निभाई। इस साझेदारी का उद्देश्य शैक्षणिक ज्ञान और उद्योग की व्यावहारिक समझ के बीच की दूरी को पाटते हुए गुणवत्तापूर्ण प्रबंधन शिक्षा और अनुसंधान को सशक्त बनाना है। इस पहल के अंतर्गत एक्सएलआरआइ के स्नातकोत्तर छात्रों के लिए विशेष गुणवत्ता प्रबंधन पाठ्यक्रम विकसित किए जाएंगे, जिनमें लाइव प्रोजेक्ट्स, औद्योगिक भ्रमण, केस स्टडीज और आइएफक्यूएम विशेषज्ञों के व्यावहारिक सत्र शामिल होंगे। यह पाठ्यक्रम जून 2025 से लागू होगा। समारोह में एक्सएलआरआइ के निदेशक डॉ. (फादर) सेबास्टियन जॉर्ज, एस.जे. ने कहा कि एमओयू केवल आरंभ है, असली परीक्षा तो क्रियान्वयन की है। हमें ठोस, मापनीय और सत्यापन योग्य परिणामों की दिशा में काम करना होगा।
एक्सएलआरआइ और आइएफक्यूएम में हुआ एमओयू
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