पश्चिमी सिंहभूम। विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर नोवामुंडी प्रखंड की किरीबुरू पश्चिम, मेघाहातुबुरु दक्षिण और बड़ाजामदा पंचायतों में शनिवार को जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर बाल श्रम उन्मूलन और नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम का नेतृत्व किरीबुरू पश्चिम की मुखिया पार्वती कीड़ों, मेघाहातुबुरु दक्षिण की मुखिया प्रफ्फुलित ग्लोरिया टोपनो तथा बड़ाजामदा पंचायत की मुखिया पार्वती देवगम ने किया। इस दौरान ग्रामीणों को बाल श्रम के दुष्परिणामों और बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि बच्चों से मजदूरी कराना उनके अधिकारों का हनन है। प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा और बेहतर भविष्य का अधिकार प्राप्त है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कोई बच्चा मजदूरी करता दिखाई दे तो उसे विद्यालय से जोड़ने में सहयोग करें।
कार्यक्रम के दौरान नशा मुक्ति को लेकर भी विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। महिलाओं और ग्रामीणों ने रैली निकालकर बाल श्रम और नशाखोरी जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जनजागरण किया। वक्ताओं ने कहा कि इन समस्याओं के समाधान के लिए समाज के सभी वर्गों की सहभागिता आवश्यक है।
अंत में उपस्थित लोगों ने बाल श्रम मुक्त और नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया। कार्यक्रम में उप मुखिया सुमन मुंडू, वार्ड सदस्य शानी हेस्सा, रीना दास, मीनाक्षी देवी, अस्थि सुरेन, कमला कुई, सरस्वती देवी, सुषमा लोहार, रायमणी देवी, संजू देवी, मुंगरी देवी, सुखमति बोबोंगा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाएं शामिल हुईं।
