मीरजापुर। उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जिले की कोतवाली देहात पुलिस ने शादी कराने का झांसा देकर भोले-भाले लोगों को ठगने और ब्लैकमेल कर जबरन वसूली करने वाले एक बड़े संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरोह के पांच सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही पुलिस ने आरोपियों के बैंक खातों में जमा 1.30 लाख रुपये होल्ड (फ्रीज) करा दिए हैं और वारदात में इस्तेमाल होने वाली एक अर्टिगा कार व 4 मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
राजस्थान के युवकों को शादी के बहाने बुलाया मीरजापुर, फिर शुरू हुआ खेल
पुलिस अधीक्षक (नगर) नितेश सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि राजस्थान के कोटपुतली-बहरोड़ निवासी पुष्पेंद्र कुमार ने 29 जून को कोतवाली देहात में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, 28 जून को पुष्पेंद्र के दो रिश्तेदारों को इस गिरोह ने शादी कराने के बहाने मीरजापुर के लोहंदी कला स्थित हनुमान मंदिर बुलाया था।
पीड़ित जब तय जगह पर पहुंचे, तो वहां पहले से जाल बिछाकर बैठे गिरोह के सदस्यों ने उन्हें डराया-धमकाया, बंधक जैसी स्थिति बनाई और जान से मारने की धमकी देकर उनके पास मौजूद सारे पैसे और ऑनलाइन माध्यम से मोटी रकम जबरन वसूल ली।
एसपी के निर्देश पर बनी टीम, साइबर सेल ने फ्रीज कराए पैसे
इस अंतरराज्यीय ठगी के मामले को गंभीरता से लेते हुए मीरजापुर की पुलिस अधीक्षक (SP) अपर्णा रजत कौशिक ने तुरंत जांच के आदेश दिए। अपर पुलिस अधीक्षक नगर एवं क्षेत्राधिकारी सदर के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस की टीम ने साइबर सेल की मदद लेते हुए तकनीकी तफ्तीश शुरू की और सबसे पहले ठगी की रकम ट्रांसफर किए गए बैंक खातों को ट्रैक कर उसमें मौजूद 1.30 लाख रुपये की राशि को तुरंत होल्ड करा दिया, जिससे पीड़ित के पैसे सुरक्षित हो सके।
लोहंदी कला क्षेत्र से दबोचे गए 3 पुरुष और 2 महिलाएं
पुलिस ने पुख्ता सूचना और मुखबिर तंत्र की मदद से लोहंदी कला क्षेत्र में घेराबंदी कर गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों में महिलाएं भी शामिल हैं जो पीड़ित पक्ष के सामने खुद को दुल्हन या उसकी रिश्तेदार बताकर जाल में फंसाती थीं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:
- लवकुश यादव
- गुड़िया यादव
- राधा कोल
- दीपक पाल
- राजेंद्र कुमार यादव
पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी पुलिस
पकड़े गए आरोपियों के पास से पुलिस ने घटना में प्रयुक्त 4 स्मार्टफोन और पीड़ितों को लाने-ले जाने में इस्तेमाल की गई अर्टिगा कार (UP 63 नंबर) को जब्त कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह एक संगठित गिरोह है जो राजस्थान, मध्य प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों के उन युवकों को निशाना बनाता था जिनकी शादी नहीं हो रही होती थी। पुलिस अब पकड़े गए आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन्होंने अब तक और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और इस रैकेट में अन्य कौन-कौन शामिल हैं।
