तीजन बाई के निधन पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री समेत दिग्गज नेताओं ने जताया शोक

नई दिल्ली। पद्म विभूषण से सम्मानित प्रख्यात पांडवानी लोक गायिका तीजन बाई के निधन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला समेत कई शीर्ष नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया। नेताओं ने उन्हें भारतीय लोक कला और संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि उनके निधन से देश ने एक ऐसी महान लोक कलाकार को खो दिया, जिन्होंने छत्तीसगढ़ की पांडवानी परंपरा को वैश्विक पहचान दिलाई।

लोककला की महान साधिका को दी श्रद्धांजलि

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर शोक संदेश जारी करते हुए कहा कि तीजन बाई ने अपनी सशक्त आवाज, प्रभावशाली मंचीय उपस्थिति और अनूठी प्रस्तुति शैली से महाभारत की कथाओं को जीवंत बनाया। उन्होंने कहा कि वर्षों की साधना और समर्पण के बल पर तीजन बाई ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध पांडवानी परंपरा को देश-विदेश में नई पहचान दिलाई। राष्ट्रपति ने उनके परिजनों और प्रशंसकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि तीजन बाई के निधन से भारतीय लोक कला, संस्कृति और संगीत जगत ने एक अमूल्य रत्न खो दिया है। उन्होंने कहा कि तीजन बाई ने अपनी जीवंत प्रस्तुतियों और सशक्त अभिव्यक्ति के माध्यम से पांडवानी गायन शैली को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा दिलाई। उनका जीवन लोक परंपराओं के संरक्षण और नई पीढ़ी तक उन्हें पहुंचाने के लिए समर्पित रहा।

प्रधानमंत्री सहित कई केंद्रीय मंत्रियों ने जताया शोक

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि तीजन बाई ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों के जरिए छत्तीसगढ़ की पांडवानी लोककला को पूरी दुनिया में विशिष्ट पहचान दिलाई। उन्होंने उनके निधन को कला एवं संस्कृति जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए परिजनों और प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त की तथा “ॐ शांति” कहा।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि तीजन बाई ने अपनी अद्वितीय प्रतिभा और समर्पण से पांडवानी लोककला को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि इस समृद्ध लोक परंपरा के संरक्षण और संवर्धन में उनका योगदान सदैव याद रखा जाएगा।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भी शोक व्यक्त करते हुए कहा कि तीजन बाई ने अपनी सशक्त आवाज और अद्भुत प्रस्तुति से पांडवानी लोककला को नई पहचान दिलाई। उन्होंने उनके निधन को देश के कला एवं संस्कृति जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार को संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।

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