रायपुर। छत्तीसगढ़ में तेन्दूपत्ता संग्राहकों को भुगतान की प्रक्रिया तेज गति से जारी है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के नेतृत्व में अब तक 10 लाख 70 हजार 186 संग्राहकों के बैंक खातों में 627.62 करोड़ रुपये की राशि सीधे अंतरित की जा चुकी है। यह कुल भुगतान योग्य राशि का 82.33 प्रतिशत है।
राज्य लघुवनोपज सहकारी संघ की अद्यतन रिपोर्ट के अनुसार इस वर्ष प्रदेश में 13.85 लाख मानक बोरा तेन्दूपत्ता संग्रहित किया गया है। इसके एवज में लगभग 762.28 करोड़ रुपये भुगतान किए जाने हैं। डिजिटल भुगतान व्यवस्था के तहत अब तक 649.15 करोड़ रुपये की राशि ओटीपी सत्यापन प्रक्रिया पूरी कर चुकी है। वहीं भुगतान रिजेक्शन की दर केवल 0.37 प्रतिशत रही है, जो व्यवस्था की पारदर्शिता और दक्षता को दर्शाती है।
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार वनवासियों और तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों की आर्थिक मजबूती के लिए लगातार काम कर रही है। संग्राहकों को उनकी मेहनत का पारिश्रमिक समय पर मिले, यह सरकार की प्राथमिकता है। लघुवनोपज आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत कर वनांचल क्षेत्रों में आय बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
कई जिलों में 90 प्रतिशत से अधिक भुगतान
भुगतान की स्थिति पर नजर डालें तो रायपुर क्षेत्र में 98.61 प्रतिशत, दुर्ग क्षेत्र में 95.45 प्रतिशत, बिलासपुर क्षेत्र में 92.29 प्रतिशत और नारायणपुर जिले में 97.27 प्रतिशत भुगतान पूरा हो चुका है। शेष क्षेत्रों में भी भुगतान प्रक्रिया जारी है। अधिकारियों को सभी पात्र संग्राहकों तक जल्द राशि पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
वनांचल की अर्थव्यवस्था को मिली मजबूती
सरकार का कहना है कि समयबद्ध भुगतान से लाखों वनवासी परिवारों को आर्थिक संबल मिला है। इससे ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक पात्र संग्राहक तक भुगतान की पूरी राशि शीघ्र पहुंचाई जाए और वनाधारित आजीविका को और सशक्त बनाया जाए।
