पूर्वी सिंहभूम। शहर में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं और चरमराती कानून-व्यवस्था के विरोध में जमशेदपुर बंद को लेकर कूटनीतिक और राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। विधायक सरयू राय ने शहर की सुरक्षा स्थिति पर तीखा हमला बोलते हुए आगामी 03 जुलाई के ‘जमशेदपुर बंद’ का पूर्ण समर्थन किया है और इसके लिए सड़क पर उतरने का एलान किया है। इस ऐतिहासिक बंद के पूर्व संध्या पर 02 जुलाई को शहर में एक विशाल मशाल जुलूस भी निकाला जाएगा।
निषेधाज्ञा के बाद अब नई रणनीति पर विचार
विधायक सरयू राय के आवास पर आयोजित एक बैठक में उन्होंने बताया कि बुधवार को शहर के बिगड़ते हालातों पर चर्चा के लिए एक सर्वदलीय, सर्वसमाज और प्रबुद्ध नागरिकों की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई थी। हालांकि, स्थानीय प्रशासन द्वारा अचानक निषेधाज्ञा (धारा 144/भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की प्रासंगिक धाराएं) लागू किए जाने के कारण इस बैठक को स्थगित करना पड़ा। सरयू राय ने कहा कि 03 जुलाई के बंद को पूरी तरह सफल बनाने के लिए 02 जुलाई को दोबारा बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और समाज के प्रबुद्ध लोगों को शामिल कर आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन दिलाया जाएगा।
अपराध के आंकड़ों पर उठाए गंभीर सवाल
सोनारी और मानगो समेत पूरे शहर की कानून-व्यवस्था पर गंभीर चिंता जताते हुए सरयू राय ने एक चौंकाने वाला आंकड़ा सामने रखा। उन्होंने कहा कि पिछले महज पांच महीनों के भीतर शहर में चापड़बाजी (धारदार हथियार से हमला) की करीब 1300 घटनाएं दर्ज होना बेहद डरावना और चिंताजनक है।
उन्होंने तीखा आरोप लगाते हुए कहा:
“यह आंकड़ा किसी भी सभ्य समाज और प्रशासनिक तंत्र के लिए एक गंभीर चेतावनी है। शहर के अलग-अलग इलाकों में जुआ और अवैध शराब के अड्डे पुलिस की नाक के नीचे खुलेआम संचालित हो रहे हैं। राहजनी, छिनतई और संगठित अपराध में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।”
इस रणनीतिक बैठक में मुख्य रूप से शंभु नाथ सिंह, वाईपी सिंह, निशांत कुमार, सुखदेव, अनिकेत सिंह सावरकर, सुबोध श्रीवास्तव, सतीश सिंह सहित कई प्रबुद्ध नागरिक और कार्यकर्ता उपस्थित थे, जिन्होंने बंद को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया।
