अभिषेक बनर्जी पर कथित हमले के मामले में चार गिरफ्तार, कई अन्य से पूछताछ जारी

कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और लाेकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी पर कथित हमले के मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इलाके के वीडियो फुटेज की जांच के बाद आरोपितों की पहचान कर यह कार्रवाई की गई है। इसके अलावा तीन अन्य लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

जानकारी के मुताबिक, शनिवार काे अभिषेक बनर्जी विधानसभा चुनाव मतदान के बाद हुई हिंसा में मारे गए एक तृणमूल कार्यकर्ता के परिजनों से मिलने दक्षिण 24 परगना के सोनारपुर पहुंचे थे। इसी दौरान उन्हें स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। विरोध प्रदर्शन के दौरान उनके काफिले पर जूते, अंडे और अन्य वस्तुएं फेंकी गईं तथा ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए गए।

स्थिति तनावपूर्ण होने पर अभिषेक बनर्जी ने सुरक्षा के लिए हेलमेट पहन लिया था। धक्का-मुक्की के दौरान उनकी शर्ट भी फट गई थी। घटना के बाद उन्होंने आरोप लगाया कि यह हमला भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सुनियोजित साजिश का हिस्सा था और उनके दौरे की जानकारी पहले से होने के कारण विरोध की तैयारी की गई थी। उन्होंने मामले में कानूनी कार्रवाई की भी चेतावनी दी।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, सोनारपुर थाने ने घटना का स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया था। जांच के दौरान विभिन्न वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्य एकत्र किए गए, जिनके आधार पर आरोपितों की पहचान कर गिरफ्तारी की गई। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपितों को रविवार को बारुईपुर महकमा अदालत में पेश किया जा रहा है।

इस बीच तृणमूल कांग्रेस ने पुलिस पर घटना स्थल पर देर से पहुंचने और पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं करने का आरोप लगाया है। पार्टी ने हमलावरों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए दावा किया है कि कुछ आरोपित भाजपा से जुड़े हुए हैं। इस संबंध में पार्टी की ओर से कुछ वीडियो भी जारी किए गए हैं।

घटना के बाद अभिषेक बनर्जी को उपचार के लिए दक्षिण कोलकाता के एक निजी अस्पताल ले जाया गया था। बाद में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी उनसे मिलने पहुंचीं। चिकित्सकीय जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता नहीं बताई।

वहीं, कांग्रेस सांसद गांधी और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत विपक्षी गठबंधन ‘इंडी’ के कई नेताओं ने घटना की निंदा की है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और अन्य संदिग्धों की पहचान के लिए वीडियो फुटेज तथा अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

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