नई दिल्ली। कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने यहां पार्टी मुख्यालय में मंगलवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि 8 जून को विपक्षी दलों की बैठक में इस मुद्दे पर संयुक्त पत्र भेजने का निर्णय लिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और ट्रस्ट उच्च पदाधिकारियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि कार्रवाई केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित है। श्रीनेत ने दावा किया कि सीसीटीवी फुटेज में लगभग 70 चोरी की घटनाएं दर्ज हैं, जो केवल 40 दिनों की अवधि की हैं। पिछले साढ़े पांच वर्षों का हिसाब कौन देगा। चढ़ावे की गिनती और सुरक्षा के लिए तय मानक प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया और एसबीआई की चेतावनी को भी नजरअंदाज किया गया। उन्होंने मांग की कि ट्रस्ट को भंग किया जाए, शीर्ष पदाधिकारियों पर एफआईआर दर्ज हो, मंदिर में प्राप्त सभी दान का स्वतंत्र ऑडिट कराया जाए और प्रधानमंत्री इस मामले पर सार्वजनिक रूप से जवाब दें। कांग्रेस ने अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा न्यायाधीश की निगरानी में कराने और मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट सार्वजनिक किए जाने की मांग की है।
