हजारीबाग। हजारीबाग के उपायुक्त हेमंत सती ने मंगलवार को समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में जनता दरबार का आयोजन किया। इस दौरान जिले के विभिन्न सुदूर क्षेत्रों से आए बड़ी संख्या में फरियादियों ने अपनी शिकायतों और मांगों से संबंधित आवेदन उपायुक्त को सौंपे। उपायुक्त ने एक-एक कर सभी आवेदकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके त्वरित समाधान का भरोसा दिया।
भूमि विवाद और सरकारी योजनाओं से जुड़ी शिकायतें रहीं प्रमुख
इस साप्ताहिक जनता दरबार में मुख्य रूप से भूमि विवाद, म्यूटेशन (दाखिल-खारिज), पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना और मंईयां सम्मान योजना से जुड़े मामले सामने आए। इसके अलावा मुआवजा भुगतान, रोजगार, भूमिदान एवं खासमहल भूमि से जुड़े विवाद, पीएम कुसुम योजना, पारिवारिक कलह, मारपीट, सड़क निर्माण तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं से संबंधित शिकायतें प्रमुखता से दर्ज कराई गईं। कई ग्रामीणों ने विभिन्न कल्याणकारी सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर नहीं मिलने को लेकर भी उपायुक्त को आवेदन सौंपे।
अधिकारियों को समयबद्ध और पारदर्शी कार्रवाई का आदेश
मामलों की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त हेमंत सती ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को ऑन द स्पॉट आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि आमजन की समस्याओं का समयबद्ध समाधान जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उपायुक्त ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता दरबार से प्राप्त सभी आवेदनों का नियमानुसार शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि पीड़ितों को समय पर राहत मिल सके। उन्होंने जनहित के कार्यों में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही बरतने पर विशेष जोर दिया।
