मुंबई। भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार दूसरे सप्ताह बढ़ोतरी दर्ज की गई है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 10 जुलाई 2026 को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 96.4 करोड़ डॉलर बढ़कर 675.157 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इससे पहले वाले सप्ताह में भी भंडार में 7.260 अरब डॉलर की वृद्धि हुई थी।
विदेशी मुद्रा आस्तियों में सबसे अधिक बढ़ोतरी
आरबीआई के मुताबिक, विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह विदेशी मुद्रा आस्तियों में इजाफा है। समीक्षाधीन सप्ताह में विदेशी मुद्रा आस्तियां 93 करोड़ डॉलर बढ़कर 546.508 अरब डॉलर हो गईं। विदेशी मुद्रा आस्तियां कुल विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा होती हैं और इनमें यूरो, पाउंड तथा येन जैसी प्रमुख विदेशी मुद्राओं के मूल्य में बदलाव का भी प्रभाव शामिल होता है।
सोने के भंडार का मूल्य भी बढ़ा
सप्ताह के दौरान सोने की कीमतों में हल्की तेजी के कारण आरबीआई के स्वर्ण भंडार के मूल्य में भी 2.4 करोड़ डॉलर की वृद्धि दर्ज की गई। इसके साथ ही स्वर्ण भंडार का मूल्य बढ़कर 105.230 अरब डॉलर हो गया। मार्च 2026 के अंत तक आरबीआई के पास 880.52 टन सोना था, जो देश के कुल विदेशी मुद्रा भंडार का लगभग 16.7 प्रतिशत हिस्सा है।
एसडीआर और आईएमएफ रिजर्व में भी बढ़ोतरी
विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) में 30 लाख डॉलर की बढ़ोतरी के बाद इसका स्तर 18.626 अरब डॉलर पर पहुंच गया। वहीं, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के पास रखे भारत के रिजर्व में भी 70 लाख डॉलर की वृद्धि हुई और यह 4.793 अरब डॉलर हो गया।
रिकॉर्ड स्तर से अभी भी नीचे
हालांकि विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार दो सप्ताह से वृद्धि हो रही है, लेकिन यह अब भी 27 फरवरी 2026 को बने 728.494 अरब डॉलर के रिकॉर्ड उच्च स्तर से नीचे है।


