सीमा पर तस्करी रैकेट के तार जुड़ने का संदेह
मोतिहारी। पूर्वी चंपारण में बिहार पुलिस ने नेपाल सीमा से सटे इलाके में चल रही एक अवैध कारतूस फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में पुलिस को हथियार बनाने के उपकरण और जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। प्रारंभिक जांच में इस रैकेट के तार नेपाल तक जुड़ने का संदेह जताया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, फैक्ट्री को एक छोटे वर्कशॉप की आड़ में चलाया जा रहा था ताकि ग्रामीणों को शक न हो। छापेमारी के दौरान मौके से हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाली मशीनें, औजार, खाली और जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
नेपाल बॉर्डर पर बढ़ी सघनता
पूर्वी चंपारण नेपाल सीमा से सटा जिला है। पिछले कुछ महीनों में यहां हथियार और नशे की तस्करी के कई मामले सामने आए हैं।
- इसी जिले में पहले भी SSB और बिहार पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में इंडो-नेपाल बॉर्डर से 4 हथियार तस्कर पकड़े गए थे और उनसे 2 विदेशी पिस्टल बरामद हुई थीं।
- दिसंबर 2025 में Jitna थाना क्षेत्र में 8 किलो चरस-गांजा के साथ एक तस्कर गिरफ्तार हुआ था। SP स्वर्ण प्रभात ने बताया था कि गैंग नेपाल से नशा लाकर यूपी और अन्य राज्यों में सप्लाई करता था।
पुलिस का दावा
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामद उपकरणों से साफ है कि फैक्ट्री में नियमित रूप से हथियार और कारतूस बनाए जा रहे थे। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में नेटवर्क के अन्य सदस्यों और सप्लाई चेन के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
SP ने बताया कि नेपाल बॉर्डर, खासकर रक्सौल और आसपास के इलाकों में वाहनों और संदिग्धों की जांच और कड़ी कर दी गई है। अवैध हथियार और नकली नोटों का कारोबार इस सीमावर्ती क्षेत्र में लगातार रिपोर्ट होता रहा है।
फिलहाल पुलिस पूरे रैकेट को ध्वस्त करने के लिए आगे की छापेमारी कर रही है। मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।


