गुवाहाटी। असम सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्री जयंत मल्लबरुवा ने ग्वालपाड़ा जिले के लक्षीपुर क्षेत्र में प्रस्तावित नलबाड़ी आरक्षित वन, राक्षसिनी आरक्षित वन और ऐतिहासिक उरपद झील का निरीक्षण किया।
वन संरक्षण के लिए सरकार प्रतिबद्ध
निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए मंत्री ने कहा कि वन भूमि को नुकसान पहुंचाने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार जंगलों के संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर है।
मंत्री ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
हाथी-मानव संघर्ष रोकने के लिए होंगे विशेष उपाय
जयंत मल्लबरुवा ने क्षेत्र में बढ़ते हाथी-मानव संघर्ष पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वन्यजीवों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष योजनाएं बनाई जाएंगी।
उन्होंने बताया कि मानव और हाथियों के बीच बढ़ते टकराव को कम करने के लिए प्रभावी उपाय लागू किए जाएंगे, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके।


