रांची । अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष रितेश कुमार की पहल से पश्चिम बंगाल के वर्धमान जिले के रहने वाले बालक प्रेम नोनिया को उसकी मां से सकुशल मिलाया गया। सोमवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), रांची के कार्यालय में सचिव राकेश रौशन की उपस्थिति में चाइल्ड हेल्पलाइन की निगरानी में बच्चे को उसकी मां मधु देवी के सुपुर्द किया गया।
जानकारी के अनुसार, 19 जुलाई को प्रेम नोनिया टाटीसिलवे क्षेत्र में रोते और भटकते हुए मिला था। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के सदस्य पप्पू कुमार ने बच्चे को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया और उससे पूछताछ की। बच्चे ने बताया कि एक अज्ञात व्यक्ति उसे पैसों का लालच देकर ट्रेन से रांची ले आया था। उसकी नीयत पर संदेह होने पर वह किसी तरह वहां से भाग निकला और सड़क पर भटक रहा था।
पप्पू कुमार ने तत्काल इसकी सूचना टाटीसिलवे थाना तथा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष रितेश कुमार को दी। बच्चे से मिली जानकारी के आधार पर उसकी मां मधु देवी का मोबाइल नंबर प्राप्त किया गया। उनसे संपर्क कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी गई और रांची आने का अनुरोध किया गया। मां के पहुंचने तक बच्चे की देखभाल अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के सदस्यों ने की।
सोमवार को डालसा कार्यालय में आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद सचिव राकेश रौशन तथा चाइल्ड हेल्पलाइन रांची के सुपरवाइजर मुकेश कुमार की मौजूदगी में बच्चे को उसकी मां को सकुशल सौंप दिया गया। इस दौरान अधिकारियों ने बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए परिजनों को भविष्य में सतर्क रहने की सलाह भी दी। घटना के सुखद अंत पर परिजनों ने संगठन, डालसा और चाइल्ड हेल्पलाइन का आभार व्यक्त किया।


