छतरपुर में सड़क हादसे के बाद भारी बवाल: 5 घंटे तक चला उपद्रव, पुलिस टीम पर भी पथराव। पढ़े पूरी खबर…

छतरपुर : मध्य प्रदेश के छतरपुर शहर के विंध्यवासिनी मंदिर पुलिस चौकी क्षेत्र में गुरुवार देर रात एक सड़क हादसे के बाद शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। करीब पांच घंटे तक चले इस भीषण उपद्रव में दो पक्ष आमने-सामने आ गए, जिसके बाद जमकर मारपीट, पथराव और वाहनों में तोड़फोड़ की गई। हालात उस समय और ज्यादा बिगड़ गए जब उपद्रवियों ने मौके पर शांति व्यवस्था कायम करने पहुंची पुलिस टीम पर भी पथराव कर दिया। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बाकी उपद्रवियों की तलाश की जा रही है।

बाइक लहराने को लेकर शुरू हुआ था विवाद

घटनाक्रम के अनुसार टोरिया मोहल्ले के तीन युवक पल्सर बाइक को लहराते हुए तेज रफ्तार में चला रहे थे, तभी उनकी बाइक सामने से आ रहे एक स्कूटर से टकरा गई। इस हादसे में स्कूटर सवार दंपती और उनकी तीन वर्षीय मासूम बेटी घायल हो गई। पीड़ित परिवार ने जब बाइक चालकों की इस लापरवाही पर आपत्ति जताते हुए इलाज का खर्च मांगा और बाइक की चाबी निकाल ली, तो मामला बढ़ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इस बात से नाराज एक आरोपी युवक कुछ ही देर बाद अपने साथ कई अन्य लोगों को लेकर मौके पर लौटा और दंपती के साथ मारपीट शुरू कर दी। हमलावरों ने स्कूटी में भी जमकर तोड़फोड़ की। पीड़ित महिला का आरोप है कि हमलावरों ने उसकी गोद से तीन वर्षीय बेटी को छीनकर सड़क पर फेंक दिया, जिससे बच्ची को चोटें आई हैं।

दो पक्षों में भिड़ंत के बाद पुलिस बनी निशाना

मारपीट की इस घटना के बाद पीड़ित महिला ने तुरंत अपने परिजनों को फोन कर इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही पीड़ित पक्ष के लोग भी मौके पर आ गए, लेकिन तब तक आरोपी अपने घरों की ओर भाग चुके थे। पीड़ित पक्ष जब आरोपियों के घर (टोरिया मोहल्ला) पहुंचा, तो दोनों गुट आमने-सामने आ गए और महिलाओं व पुरुषों के बीच जमकर मारपीट और पथराव शुरू हो गया। हंगामा बढ़ने की सूचना पर जब पुलिस बल मौके पर पहुंचा, तो उपद्रवियों ने पुलिस टीम को भी निशाना बनाते हुए पथराव कर दिया, जिससे सरकारी वाहनों को काफी नुकसान पहुंचा है। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना रहे एक स्थानीय युवक के सिर में भी पत्थर लग गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए थे कि शुरुआती दौर में पुलिस को थोड़ा पीछे हटना पड़ा।

भारी पुलिस बल तैनात, आरोपी घरों में ताले लगाकर फरार

स्थिति को नियंत्रण से बाहर होता देख कोतवाली, सिविल लाइन और ओरछा रोड थाना पुलिस सहित भारी संख्या में अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया। पुलिस की भारी मौजूदगी को भांपते हुए कई आरोपी अपने घरों में ताले लगाकर मौके से फरार हो गए। हालांकि, पुलिस ने रात में ही ताबड़तोड़ दबिश देकर निसार, निज्जू और छोटू सहित चार मुख्य आरोपियों को दबोच लिया। क्षेत्र के लोगों ने विवाद के दौरान हवाई फायरिंग होने का भी दावा किया है, लेकिन पुलिस प्रशासन ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

शहरी क्षेत्र में शांति व्यवस्था और आरोपियों पर कार्रवाई को लेकर पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा ने विस्तृत जानकारी साझा की है।

घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया गया था। उपद्रवियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिस पर हमला करने, पथराव और दंगा फैलाने सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग खंगाल रही है ताकि अन्य आरोपियों की पहचान की जा सके। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

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