उज्जैन : प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर ने शुक्रवार तड़के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में पहुंचकर बाबा महाकाल के दर्शन किए। उन्होंने प्रातःकालीन भस्म आरती में शामिल होकर ज्योतिर्लिंग भगवान महाकाल का पूजन-अर्चन किया और आशीर्वाद प्राप्त किया।
कैलाश खेर सुबह करीब 3 बजे मंदिर पहुंचे और नंदी हॉल में बैठकर दिव्य भस्म आरती का दर्शन किया। करीब दो घंटे तक आरती में शामिल रहने के बाद उन्होंने नंदी महाराज का पूजन-अभिषेक किया तथा परंपरा के अनुसार नंदी के कान में अपनी मनोकामना व्यक्त की। इसके बाद उन्होंने चांदी द्वार से भगवान महाकाल को जल अर्पित कर पूजा की। दर्शन के उपरांत मंदिर प्रबंधन की ओर से उन्हें पुष्पमाला और प्रसाद भेंट कर सम्मानित किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं में उनके साथ तस्वीर लेने की उत्सुकता भी देखी गई।
मीडिया से बातचीत में कैलाश खेर ने कहा कि महाकाल के दरबार में पहुंचना उनके लिए परम सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि बाबा महाकाल के चरणों में पहुंचने वाला व्यक्ति आध्यात्मिक शांति और विशेष कृपा का अनुभव करता है। साथ ही उन्होंने मंदिर प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए की जा रही व्यवस्थाओं की सराहना भी की।
शुक्रवार को ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष पंचमी के अवसर पर बाबा महाकाल का विशेष श्रृंगार किया गया। जलाभिषेक और पंचामृत पूजन के बाद भगवान का भांग, चंदन, भस्म और सुगंधित पुष्पों से अलंकरण किया गया। रजत मुकुट, रुद्राक्ष माला और अन्य आभूषणों से सजे बाबा महाकाल का दिव्य स्वरूप श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना रहा।
महानिर्वाणी अखाड़े की परंपरा के अनुसार भस्म अर्पित की गई। शंखनाद, ढोल-नगाड़ों और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुई भस्म आरती के दौरान पूरा मंदिर परिसर “जय श्री महाकाल” के जयघोष से गूंज उठा। सुबह से ही हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए कतारों में खड़े नजर आए।
