नई दिल्ली : केंद्र सरकार देश के करीब 1 करोड़ गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स (जैसे स्विगी-जोमैटो के डिलीवरी पार्टनर्स और ओला-उबर के ड्राइवर्स) को सामाजिक सुरक्षा देने के लिए एक बड़ी योजना ला रही है। श्रम और रोजगार मंत्रालय ने इसके लिए ‘नेशनल सोशल सिक्योरिटी बोर्ड फॉर गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स’ के गठन को मंजूरी दे दी है।
इस योजना के तहत मिलने वाले मुख्य लाभ:
- स्वास्थ्य और सुरक्षा: एक्सीडेंटल इंश्योरेंस और मेडिकल सुविधाओं का लाभ।
- आर्थिक सहायता: सीधे कैश सपोर्ट, बुजुर्गों के लिए सुरक्षा और अंतिम संस्कार जैसे खर्चों के लिए मदद।
- शिक्षा और लोन: बच्चों की पढ़ाई के लिए एजुकेशन लोन और महिला कर्मचारियों के लिए मैटरनिटी सपोर्ट।
कंपनियों के लिए सख्त निर्देश:
सरकार एक सोशल सिक्योरिटी फंड बना रही है। सभी एग्रीगेटर कंपनियों को आदेश दिया गया है कि वे 22 जून तक अपने सभी कर्मचारियों का डेटा ई-श्रम (e-Shram) पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपडेट कर दें। इससे कामगारों को मिलने वाले फायदों की रियल-टाइम ट्रैकिंग हो सकेगी और लोग मोबाइल ऐप के जरिए सीधे अपने अधिकारों को देख सकेंगे।
