नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने संसद के मानसून सत्र के दौरान लगातार हो रहे हंगामे को लेकर कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर निशाना साधा है। भाजपा ने आरोप लगाया कि विपक्ष के कारण संसद की कार्यवाही लगातार बाधित हो रही है, जिससे महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा नहीं हो पा रही है।
भाजपा ने लगाया दोहरे रवैये का आरोप
भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने पार्टी मुख्यालय में आयोजित पत्रकारवार्ता में कहा कि संसद के एक सत्र पर करोड़ों रुपये खर्च होते हैं, लेकिन मानसून सत्र शुरू होने के बाद से प्रश्नकाल नहीं चल पाया है और जीरो आवर भी लगातार बाधित हो रहा है। उन्होंने कांग्रेस पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि झारखंड में जेपीएससी परीक्षा को लेकर हजारों छात्र आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन कांग्रेस न तो उनके समर्थन में खुलकर बोल रही है और न ही संसद में इस मुद्दे को प्रभावी ढंग से उठा रही है।
पात्रा ने कहा कि कांग्रेस का विरोध केवल चयनात्मक मुद्दों तक सीमित है और जेपीएससी मामले पर उसके नेताओं के हाथ में एक भी तख्ती नहीं दिखाई दी। उन्होंने इसे “सेलेक्टिव आउटरेज” करार दिया।
कर्नाटक भर्ती परीक्षा का भी उठाया मुद्दा
भाजपा प्रवक्ता ने कर्नाटक पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में कथित पेपर लीक का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता प्रियंक खरगे ने असंवेदनशील बयान दिया। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले पर राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि विपक्ष संसद में महत्वपूर्ण विधेयकों पर भी चर्चा नहीं होने दे रहा है। उन्होंने जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण संशोधन विधेयक, 2026 और बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल, 2026 का उल्लेख करते हुए कहा कि ये करोड़ों लोगों से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयक हैं, लेकिन लगातार हंगामे के कारण इन पर सार्थक चर्चा नहीं हो पा रही है। भाजपा ने विपक्ष से संसद की कार्यवाही सुचारु रूप से चलने देने की अपील की।


