नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने ईथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को बढ़ावा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने 22 प्रतिशत से 30 प्रतिशत तक ईथेनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क पूरी तरह समाप्त कर दिया है। यह छूट ई-22, ई-25, ई-27 और ई-30 श्रेणी के पेट्रोल पर लागू होगी।
वित्त मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, इन श्रेणियों के ईथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पर अब उत्पाद शुल्क की दर शून्य रहेगी। सरकार का मानना है कि इस कदम से अधिक लोगों को ईथेनॉल मिश्रित ईंधन अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और पेट्रोल पर निर्भरता कम होगी।
यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने मई के दूसरे पखवाड़े में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगभग 7.50 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की थी। सरकार को उम्मीद है कि उत्पाद शुल्क हटाने से ईथेनॉल मिश्रित पेट्रोल उपभोक्ताओं के लिए अधिक आकर्षक बनेगा।
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने मार्च में भी पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की थी। उस फैसले से सरकार को सालाना एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा था। यह कदम पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में तेजी के बीच उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए उठाया गया था।
