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धनबाद मेडिकल कॉलेज की ऑक्सीजन व्यवस्था और चाईबासा में बच्चों को संक्रमित खून चढ़ाने पर विस में चर्चा

रांची। विधायक अरूप चटर्जी ने चाईबासा में बच्चों को संक्रमित रक्त चढ़ाने की शिकायत का मामला उठाते हुए सरकार से जांच समिति की रिपोर्ट और अब तक की कार्रवाई की जानकारी मांगी। विभाग की ओर से लिखित जवाब में कहा गया कि बच्चों को एचआईवी पॉजिटिव रक्त नहीं चढ़ाया गया था। इस पर विधायक ने स्वास्थ्य मंत्री पर दोषियों को बचाने का आरोप लगाया। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने सदन को बताया कि पूरे मामले की जांच जारी है और जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन बच्चों को संक्रमित रक्त चढ़ाए जाने की आशंका जताई गई थी, उनके परिजनों को दो-दो लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है। विधायक ने पीड़ित बच्चों का संपूर्ण इलाज सरकारी खर्च पर कराने की मांग की, जिस पर विधानसभा अध्यक्ष ने सरकार को उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने जांच रिपोर्ट चालू सत्र में ही सदन के पटल पर रखने को कहा। मंत्री द्वारा जांच में अधिक समय लगने की बात कहे जाने पर अध्यक्ष ने 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का स्पष्ट निर्देश दिया। इसके बाद मंत्री ने शीघ्र जांच पूरी कराने का आश्वासन दिया। इसी दौरान धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ऑक्सीजन आपूर्ति का मुद्दा भी सदन में गूंजा। विधायक राज सिन्हा ने बताया कि वर्ष 2020-21 में पीएम केयर फंड से लगाए गए तीन ऑक्सीजन प्लांट में से दो वर्तमान में खराब पड़े हैं, जिससे मरीजों को परेशानी हो रही है। इस पर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने स्वीकार किया कि तीन में से दो प्लांट बंद हैं, लेकिन मरीजों को सिलेंडर के माध्यम से ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जा रही है और किसी प्रकार की कमी नहीं होने दी जा रही। उन्होंने बताया कि मरम्मत के लिए कई बार टेंडर निकाले गए, लेकिन एजेंसियों की रुचि नहीं मिलने के कारण कार्य लंबित है। सरकार ने जल्द प्लांट दुरुस्त कराने का आश्वासन दिया। सदन में विधायकों के नए आवास से जुड़ा मुद्दा भी उठा। विधायक राज सिन्हा ने फर्नीचर मद में वर्तमान तीन लाख रुपये की राशि को अपर्याप्त बताते हुए इसे बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने की मांग की। अधिकांश विधायकों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया, जबकि विधायक जयराम महतो ने इसका विरोध किया। स्वास्थ्य व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों से जुड़े इन मुद्दों को लेकर सदन में दिनभर गंभीर बहस और राजनीतिक तकरार का माहौल बना रहा। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के आठवें दिन शुक्रवार को स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े गंभीर मुद्दों पर सदन में चर्चा हुई। पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) में बच्चों को कथित रूप से संक्रमित खून चढ़ाए जाने के मामले तथा धनबाद स्थित शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज अस्पताल की ऑक्सीजन व्यवस्था को लेकर सरकार को विपक्ष के तीखे सवालों का सामना करना पड़ा।

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