कई माता-पिता बच्चों को डांटने या सजा देने के बजाय प्यार और समझदारी से समझाने में विश्वास रखते हैं। लेकिन कई बार बार-बार समझाने के बावजूद बच्चा जिद करता है, मनमानी करता है और नियमों का पालन नहीं करता। पेरेंटिंग विशेषज्ञों के अनुसार इसके पीछे कुछ सामान्य कारण हो सकते हैं, जिन्हें समय रहते समझना जरूरी है।
नियम और सीमाएं स्पष्ट नहीं होना
पेरेंटिंग विशेषज्ञों के अनुसार यदि बच्चा बार-बार तय नियमों को तोड़ता है और उसके बाद भी कोई परिणाम या अनुशासन नहीं होता, तो वह यह मानने लगता है कि नियमों का पालन करना जरूरी नहीं है। इसलिए शुरुआत से ही स्पष्ट नियम बनाना और उनका लगातार पालन कराना आवश्यक है।
बच्चे को लगता है माता-पिता हार मान लेंगे
यदि माता-पिता हर बार शांत रहकर समझाते हैं, लेकिन अंत में बच्चे की जिद मान लेते हैं, तो बच्चा यह समझ सकता है कि थोड़ी देर इंतजार करने या जिद करने से उसकी बात मान ली जाएगी। इससे वह बार-बार वही व्यवहार दोहरा सकता है।
गलत व्यवहार पर समय रहते रोक न लगाना
यदि बच्चा रूखा व्यवहार करता है, अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करता है या बार-बार अनुचित व्यवहार करता है और उस पर कोई स्पष्ट सीमा तय नहीं की जाती, तो उसके ऐसे व्यवहार को बढ़ावा मिल सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों को सम्मानजनक व्यवहार और अनुशासन का महत्व समय रहते सिखाना चाहिए।
माता-पिता क्या करें?
विशेषज्ञों की सलाह है कि बच्चों के लिए स्पष्ट नियम और सीमाएं तय करें, उनका लगातार पालन कराएं और हर निर्णय में एकरूपता बनाए रखें। साथ ही, बच्चे से शांतिपूर्वक संवाद करें, लेकिन आवश्यक होने पर उचित अनुशासन भी बनाए रखें, ताकि वह सही और गलत के बीच अंतर समझ सके।


