जमशेदपुर मर्डर केस में भारी बवाल: SSP और सरायकेला SP हटाए गए

पूर्वी सिंहभूम। बिष्टुपुर स्थित ‘डबल डाउन (डीडी) बार’ के बाहर करणी सेना के नेता हिमांशु सिंह की नृशंस हत्या के मामले में झारखंड सरकार ने एक बहुत बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफलता और लापरवाही के आरोप में सरकार ने पूर्वी सिंहभूम के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) पीयूष पांडेय और उनकी पत्नी व सरायकेला-खरसावां की पुलिस अधीक्षक (SP) निधि द्विवेदी को तत्काल प्रभाव से उनके पदों से हटा दिया है। दोनों आईपीएस अधिकारियों को पुलिस मुख्यालय से संबद्ध (Attach) कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (Twitter) पर इसकी पुष्टि करते हुए साफ किया कि जनता की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और अपराधियों के साथ-साथ लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को भी बख्शा नहीं जाएगा।

3 सीनियर अधिकारी जमशेदपुर में करेंगे कैंप, नया थाना प्रभारी नियुक्त

कोल्हान क्षेत्र में उपजे इस भारी तनाव और कानून-व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखने के लिए राज्य सरकार ने तीन वरिष्ठ अधिकारियों को कमान सौंपी है। एडीजी मनोज कौशिक, कोल्हान आयुक्त रवि रंजन विक्रम और कोल्हान डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा बुधवार से जमशेदपुर में ही कैंप कर हालात की लगातार समीक्षा करेंगे।

इससे पहले, घोर लापरवाही के आरोप में बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक कुमार दुबे को सस्पेंड कर दिया गया था। उनकी जगह निरंजन कुमार को बिष्टुपुर का नया थाना प्रभारी बनाया गया है। जांच में सामने आया कि वारदात के वक्त सीसीआर (CCR) वैन और स्थानीय पुलिस के बीच तालमेल का घोर अभाव था और थाना प्रभारी ने सूचना मिलने के बाद भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया।

परिजनों का अल्टीमेटम: ‘आज शाम 5 बजे तक मुख्य आरोपी का एनकाउंटर करो, नहीं तो पूरा शहर जाम’

मंगलवार देर रात हटाए गए एसएसपी पीयूष पांडेय खुद आदित्यपुर स्थित दिवंगत हिमांशु सिंह के आवास पहुंचे और परिजनों से शव का अंतिम संस्कार करने का अनुरोध किया। लेकिन बेहद आक्रोशित परिजनों ने साफ इनकार कर दिया। परिजनों ने जिला प्रशासन को सीधे तौर पर चेतावनी दी है कि यदि बुधवार शाम 5 बजे तक मुख्य आरोपी का एनकाउंटर नहीं हुआ, तो पूरे शहर में उग्र चक्का जाम किया जाएगा।

इस बीच, स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और डीजीपी तदाशा मिश्रा ने हिमांशु सिंह के पिता अरविंद सिंह से फोन पर बात कर ढांढस बंधाया और दोषियों के खिलाफ सबसे कठोर कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिया है।

डबल डाउन बार का लाइसेंस रद्द, एक और आरोपी गिरफ्तार

प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई करते हुए जिला प्रशासन ने विवादित ‘डबल डाउन बार’ का लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द कर परिसर को पूरी तरह सील कर दिया है।

  • ताजा गिरफ्तारी: पुलिस ने सोमवार देर रात गम्हरिया इलाके में दबिश देकर एक और आरोपी अर्जुन लोहार को गिरफ्तार कर लिया है। इस केस में सोनू मंडल और राज लोहार को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है।
  • मुख्य आरोपी फरार: वारदात के मुख्य सूत्रधार विश्वनाथ मंडल की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
  • घायल की स्थिति: इस जानलेवा हमले में गंभीर रूप से घायल हुए हिमांशु के साथी प्रत्युष सिंह का इलाज कोलकाता के अपोलो अस्पताल में चल रहा है, जहाँ डॉक्टरों ने अब उनकी हालत खतरे से बाहर बताई है।

फ्लैशबैक: क्या हुआ था 27 जून की उस काली रात को?

गौरतलब है कि 27 जून की रात डबल डाउन बार के भीतर एक महिला से छेड़खानी को लेकर दो गुट आपस में भिड़ गए थे। करणी सेना नेता हिमांशु सिंह अपने साथियों के साथ वहां बीच-बचाव करने पहुंचे थे। बार के बाउंसरों ने उस वक्त मामला शांत करा दिया था, लेकिन जब हिमांशु और प्रत्युष पार्किंग से घर लौटने लगे, तभी दूसरे पक्ष के 6-7 हमलावरों ने उन पर धावा बोल दिया।

हैरानी और शर्मनाक बात यह रही कि खुद को बचाने के लिए हिमांशु जब मौके पर मौजूद पुलिस वैन में बैठ गए, तब भी हमलावरों ने पुलिस के सामने उन्हें वैन से बाहर घसीटा और चाकू व चापड़ से ताबड़तोड़ हमला कर लहूलुहान कर दिया। 29 जून को इलाज के दौरान टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) में हिमांशु ने दम तोड़ दिया, जिसके बाद से ही पूरे कोल्हान क्षेत्र में भारी उबाल देखा जा रहा है।

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