नई दिल्ली। मुखर्जी नगर क्षेत्र में दो समूहों के बीच मामूली विवाद की सूचना मिली थी। जांच के दौरान पुलिस को दो युवक लगातार बांग्ला भाषा में बातचीत करते मिले। स्थानीय लोगों को उनकी गतिविधियों पर संदेह हुआ और इसकी सूचना पुलिस को दी गई। सूचना के आधार पर थाना मुखर्जी नगर की टीम ने दोनों संदिग्धों से पूछताछ की। जांच में पता चला कि वे इंदिरा विकास कॉलोनी स्थित एक किराये के मकान में रह रहे हैं और उनके साथ तीन अन्य बांग्लादेशी भी मौजूद हैं। इसके बाद पुलिस ने पांचों को पकड़ लिया। पूछताछ में सामने आया कि सभी आरोपित अलग-अलग समय पर हवाई मार्ग से बांग्लादेश से दिल्ली आए थे। उनका उद्देश्य ग्रीस जाकर रोजगार हासिल करना था। बताया गया कि वे ग्रीस में नौकरी के लिए इंटरव्यू कॉल और ऑफर का इंतजार कर रहे थे। दिसंबर 2025 से वे दिल्ली में रह रहे थे, लेकिन इस दौरान उनके वीजा की वैधता समाप्त हो गई थी। इसके बावजूद वे भारत में अवैध रूप से रह रहे थे। गिरफ्तार किए गए बांग्लादेशी नागरिकों में रहमत उल्लाह (23), मोहम्मद अशराफुल (23), सलमान भुइयां (25), मोहम्मद राशेल (37) और मोहम्मद रहीम मियां (33) शामिल हैं। जांच में यह भी पता चला कि दिल्ली आने के बाद ये लोग विभिन्न होटलों में ठहरे थे। बाद में पश्चिम बंगाल के मालदा निवासी गणपति विश्वास नामक व्यक्ति की मदद से इंदिरा विकास कॉलोनी में किराये पर रहने लगे। पुलिस अब गणपति विश्वास की तलाश कर रही है और उसकी भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पांचों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पूरी कर एफआरआरओ के माध्यम से उन्हें बांग्लादेश भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उत्तर-पश्चिम जिला पुलिस का अवैध प्रवासियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। दिल्ली के मुखर्जी नगर थाना पुलिस ने अवैध प्रवासियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पांच बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। ये सभी वीजा अवधि समाप्त होने के बावजूद दिल्ली में अवैध रूप से रह रहे थे। पुलिस ने सभी को विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) के समक्ष पेश कर उनके निर्वासन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
