राशन वितरण में धांधली को लेकर कार्डधारकों का उपायुक्त कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन

जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड अंतर्गत कोवाली पंचायत में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत राशन वितरण में कथित अनियमितताओं को लेकर शुक्रवार को भारी संख्या में राशन कार्डधारकों ने उपायुक्त (डीसी) कार्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने स्थानीय पीडीएस डीलर ललिता खंडापात्तर पर अनाज की हेराफेरी और मनमानी करने का गंभीर आरोप लगाते हुए उनका लाइसेंस तत्काल रद्द करने तथा पिछले चार महीनों से लंबित राशन का अविलंब वितरण सुनिश्चित कराने की मांग की। इस समस्या को लेकर लाभुकों ने जिला प्रशासन को एक मांग पत्र (ज्ञापन) भी सौंपा।

चार महीनों से राशन के लिए भटक रहे 640 प्रभावित परिवार

प्रदर्शन में शामिल पीड़ित ग्रामीणों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि कोवाली पंचायत की इस चिन्हित पीडीएस दुकान से करीब 640 गरीब राशन कार्डधारी जुड़े हुए हैं। इसके बावजूद पिछले चार महीनों से अधिकांश पात्र लाभुकों को नियमित रूप से उनका निर्धारित सरकारी खाद्यान्न नहीं मिल पा रहा है। कार्डधारकों का सीधा आरोप है कि जब भी वे राशन लेने दुकान पर पहुँचते हैं, तो डीलर द्वारा ई-पॉश मशीन में तकनीकी खराबी या सर्वर डाउन होने जैसे अलग-अलग झूठे बहाने बनाकर उन्हें खाली हाथ वापस लौटा दिया जाता है। इस मनमानी के कारण क्षेत्र के अत्यंत गरीब और जरूरतमंद परिवारों के समक्ष भुखमरी और गंभीर खाद्यान्न संकट गहरा गया है।

डीलर पर मनमानी का आरोप, लाइसेंस रद्द करने की उठी मांग

राशन कार्डधारक सोने का मांझी ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि सरकारी खाद्यान्न वितरण में पारदर्शिता पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। स्थानीय स्तर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी और आपूर्ति विभाग को कई बार लिखित शिकायतें दी गईं, परंतु अब तक कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई नहीं हुई, जिससे विवश होकर ग्रामीणों को समाहर्ता कार्यालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा। आंदोलनकारियों ने उपायुक्त से मांग की है कि आरोपी दुकानदार ललिता खंडापात्तर का लाइसेंस निरस्त कर दुकान के संचालन की जिम्मेदारी किसी अन्य जिम्मेदार स्वयं सहायता समूह या निष्पक्ष व्यक्ति को सौंपी जाए, ताकि गरीबों को उनका हक मिल सके।

उग्र आंदोलन की चेतावनी, महिलाओं ने संभाला मोर्चा

उपायुक्त कार्यालय के समक्ष हुए इस प्रदर्शन में सुदूर ग्रामीण इलाकों से आई महिलाओं की भागीदारी सबसे अधिक और मुखर रही। ज्ञापन सौंपने के बाद ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अगले एक सप्ताह के भीतर लंबित राशन का वितरण शुरू नहीं हुआ और दोषी डीलर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की गई, तो वे राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर व्यापक और उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि जिला आपूर्ति पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित कर मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।

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