कुवैत सिटी/मनामा/बेरूत : मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान ने कुवैत और बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। इन हमलों के बाद दोनों देशों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जबकि अमेरिकी सेना ने अधिकांश हमलों को बीच रास्ते में ही नाकाम करने का दावा किया है।
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने स्वीकार किया है कि उसने कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया। माना जा रहा है कि लेबनान में इजराइल द्वारा ईरान समर्थित हिजबुल्लाह ठिकानों पर जारी हमलों के बीच क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है।
कुवैत के सशस्त्र बलों ने बताया कि देश की हवाई सुरक्षा प्रणाली ने कई ड्रोन और मिसाइलों का सफलतापूर्वक मुकाबला किया। देर रात कई इलाकों में धमाकों की आवाजें सुनाई दीं, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। वहीं बहरीन में संभावित हमले की चेतावनी के बाद सायरन बजाए गए और एहतियातन देश का हवाई क्षेत्र अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया कि ईरान की ओर से दागी गई कोई भी मिसाइल अपने निर्धारित लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी। अमेरिकी सेना के अनुसार कुवैत की ओर दागी गई दो मिसाइलें रास्ते में ही नष्ट हो गईं, जबकि बहरीन की ओर बढ़ रही तीन मिसाइलों को अमेरिका और बहरीन की संयुक्त वायु रक्षा प्रणाली ने मार गिराया।
इस बीच अमेरिका ने ईरान के केशम द्वीप क्षेत्र में जवाबी कार्रवाई करने की भी जानकारी दी है। अमेरिकी सेना ने अरब खाड़ी में एक ईरानी बंदरगाह की ओर जा रहे तेल टैंकर को भी निष्क्रिय करने का दावा किया है। अधिकारियों के अनुसार क्षेत्र में समुद्री गतिविधियों और जहाजों की निगरानी बढ़ा दी गई है।
उधर, लेबनान में भी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। दक्षिणी लेबनान पर हुए इजराइली हमलों में पांच लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक बच्चा भी शामिल है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार 48 लोग घायल हुए हैं। हमलों में एक सरकारी अस्पताल को भी नुकसान पहुंचा है और अस्पताल के डॉक्टर तथा स्वास्थ्यकर्मी भी घायल हुए हैं।
मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य टकराव के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब ईरान, अमेरिका और इजराइल के अगले कदमों पर टिकी हुई हैं।
