बताया कि स्वास्थ्य मानकों में ऐतिहासिक छलांग
पटना ।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी ‘राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6’ 2023-24 के आंकड़ों पर पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने हर्ष जताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वस्थ भारत’ विजन और नीतीश कुमार व सीएम सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार ने स्वास्थ्य के कई पैमानों पर ऐतिहासिक प्रगति की है। यह डबल इंजन सरकार की नीतियों का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
श्री पांडेय ने बताया कि पहली तिमाही में प्रसवपूर्व देखभाल ANC चेक-अप 52.9% से बढ़कर 63.9% हुआ, यानी 11 अंकों का सुधार। किसी भी तरह की ANC 81.6% से 94.0% पहुंची, जो गर्भवती महिलाओं की बेहतर प्रारंभिक पहचान दर्शाता है। संस्थागत प्रसव 76.2% से 81.1% और सार्वजनिक संस्थागत प्रसव 56.9% से 57.5% हुआ। कुशल स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा प्रसव 78.9% से बढ़कर 84.0% हुआ, जिससे मातृ-शिशु सुरक्षा बढ़ी।
सीजेरियन प्रसव 9.7% से 13.2% और प्रसवोत्तर देखभाल 57.3% से 69.9% तक पहुंची। 12-23 महीने के बच्चों का पूर्ण टीकाकरण 71.0% से 77.3% हुआ।
उन्होंने कहा 2005 में महिलाएं सरकारी अस्पतालों से डरती थीं, आज आस्था बढ़ी है। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान और मुख्यमंत्री जननी बाल सुरक्षा योजना की यह सफलता है। आयुष्मान भारत से बिहार के 1.68 करोड़ परिवार जुड़े हैं। सीएम सम्राट चौधरी के नेतृत्व में 2027 तक बिहार को स्वास्थ्य सूचकांकों में टॉप-5 में लाने का लक्ष्य है।
