कोलकाता : पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने भाजपा पर निशाना साधते हुए इस घटना को राजनीतिक हिंसा का उदाहरण बताया है।
शनिवार देर रात तृणमूल कांग्रेस ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर एक पोस्ट साझा कर दावा किया कि सुष्मिता दत्ता नामक एक भाजपा कार्यकर्ता को कई वीडियो में अभिषेक बनर्जी पर हमला करते हुए देखा गया है। पार्टी ने आरोप लगाया कि संबंधित महिला की तस्वीरें भाजपा नेता एवं मंत्री अग्निमित्रा पाल, नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी तथा अन्य भाजपा नेताओं के साथ भी मौजूद हैं।
तृणमूल कांग्रेस ने इस मामले में भाजपा से कई सवाल पूछते हुए कहा कि क्या पार्टी के नेताओं ने उन्हें इस तरह की हिंसक गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित किया था या फिर उन्हें किसी राजनीतिक संरक्षण का भरोसा दिया गया था। पार्टी ने कहा कि इस तरह की घटनाएं लोकतांत्रिक मूल्यों और राजनीतिक मर्यादाओं के खिलाफ हैं।
टीएमसी ने अपने बयान में कहा कि लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन हिंसा किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकती। पार्टी का आरोप है कि इस प्रकार की घटनाएं राजनीतिक असहिष्णुता को बढ़ावा देती हैं और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करती हैं।
हालांकि, खबर लिखे जाने तक भाजपा की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
उल्लेखनीय है कि शनिवार को सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले के बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। भाजपा जहां राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठा रही है, वहीं तृणमूल कांग्रेस इस घटना को भाजपा समर्थकों की राजनीतिक हिंसा से जोड़कर देख रही है।
