नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के कथित नगरपालिका भर्ती घोटाले की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) विधायक और पूर्व मंत्री मदन मित्रा से जुड़े सात परिसरों पर छापेमारी की है। जांच एजेंसी भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और रिश्वतखोरी के आरोपों की जांच कर रही है।
रिश्वत लेकर नियुक्ति कराने का आरोप
ईडी के अनुसार अब तक की जांच में यह सामने आया है कि मदन मित्रा ने विभिन्न नगरपालिकाओं, विशेष रूप से कमरहाटी नगरपालिका में अयोग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति कराने के बदले बिचौलियों के माध्यम से नकद राशि और सोना प्राप्त किया था। एजेंसी का दावा है कि भर्ती प्रक्रिया में पात्रता मानकों की अनदेखी कर कई लोगों को नौकरी दिलाई गई।
125 से अधिक कथित अवैध नियुक्तियों से जुड़ा मामला
जांच एजेंसी ने बताया कि मदन मित्रा का नाम 125 से अधिक कथित अवैध नियुक्तियों से जुड़ा पाया गया है। इन नियुक्तियों में नियमों का उल्लंघन कर उम्मीदवारों को लाभ पहुंचाने के आरोप लगाए गए हैं। ईडी इस पूरे मामले में धन शोधन और भर्ती अनियमितताओं के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है।
दस्तावेजों की जांच जारी
छापेमारी के दौरान कई दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए गए हैं। ईडी का कहना है कि बरामद सामग्री का विश्लेषण किया जा रहा है और जांच आगे बढ़ने के साथ मामले में नए खुलासे हो सकते हैं।
