Homeअन्तर्राष्ट्रीयनवाचार और उद्यमिता में विविधता की ताकत पर बोले पीएम मोदी

नवाचार और उद्यमिता में विविधता की ताकत पर बोले पीएम मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में विविध विचारों, प्रतिभाओं और रचनात्मक दृष्टिकोण के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति की सोच और कार्यशैली अलग होती है, और यही विविधता नए विचारों तथा संभावनाओं को जन्म देती है।

प्रधानमंत्री ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक संस्कृत सुभाषित साझा करते हुए कहा कि समाज में मौजूद विभिन्न प्रतिभाएं और दृष्टिकोण विकास और नवाचार की सबसे बड़ी शक्ति हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार अलग-अलग स्रोतों के जल का स्वाद भिन्न होता है, उसी प्रकार प्रत्येक व्यक्ति की प्रतिभा, सोच और योगदान भी विशिष्ट होता है।

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में संस्कृत का प्रसिद्ध सुभाषित साझा किया—

“पिण्डे पिण्डे मतिर्भिन्ना कुण्डे कुण्डे नवं पयः।
जातौ जातौ नवाचाराः नवा वाणी मुखे मुखे॥”

उन्होंने कहा कि इस सुभाषित का सार यह है कि हर व्यक्ति की सोच, अनुभव और रचनात्मकता अलग होती है। यही भिन्नता समाज में नए विचारों, नवाचारों और प्रगति का आधार बनती है।

भारत की नवाचार संस्कृति का किया उल्लेख

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की नवाचार संस्कृति भी इसी भावना पर आधारित है। देश के विभिन्न क्षेत्रों, पृष्ठभूमियों और अनुभवों से आने वाले लोग अपनी प्रतिभा और विचारों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि विविध विचारों और क्षमताओं का संगम ही उद्यमिता, तकनीकी विकास और सामाजिक प्रगति को नई दिशा देता है। यही कारण है कि भारत आज नवाचार और स्टार्टअप के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश के माध्यम से यह भी संकेत दिया कि समाज में विभिन्न दृष्टिकोणों और विचारों का सम्मान करना विकास की प्रक्रिया को और मजबूत बनाता है तथा नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करता है।

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