जम्मू। जम्मू-कश्मीर के पुंछ और राजौरी जिलों में लगातार हो रही भारी बारिश, अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। इस आपदा में अब तक आठ लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 12 लोग लापता हैं। राहत एवं बचाव दल लगातार दूसरे दिन भी लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं। खराब मौसम को देखते हुए अमरनाथ यात्रा और माता वैष्णो देवी यात्रा भी दूसरे दिन स्थगित रखी गई है।
पुंछ और राजौरी में सबसे ज्यादा नुकसान
अधिकारियों के अनुसार बाढ़ और भूस्खलन से जम्मू संभाग में 145 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनमें 93 मकान पुंछ, 42 राजौरी, आठ रियासी तथा एक-एक मकान किश्तवाड़ और रामबन में प्रभावित हुए हैं।
पुंछ में 17 विद्यालय, 24 पारंपरिक पनचक्कियां और तीन दुकानें भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। वहीं कई क्षेत्रों में बीएसएनएल और एयरटेल की मोबाइल सेवाएं बाधित रहीं। राजौरी में बेला बस स्टैंड और चिल्ड्रन्स पार्क का करीब 90 प्रतिशत हिस्सा बह गया। एक विद्यालय, 56 वाहन और लगभग 300 घरों की पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई है।
सड़कें बंद, कृषि भूमि को भी नुकसान
किश्तवाड़ की छत्रू तहसील में बटवान नाले में आई बाढ़ से एक जामा मस्जिद, एक मदरसा और एक दुकान को आंशिक नुकसान पहुंचा है। पुंछ और राजौरी में कुल 127 कनाल कृषि भूमि भी प्रभावित हुई है।
चेनानी-नाशरी सुरंग के उत्तरी प्रवेश द्वार के पास भूस्खलन से राष्ट्रीय राजमार्ग का एक हिस्सा अवरुद्ध हो गया है। वहीं उधमपुर-पंचेरी और कैंथगली-मौंगरी सड़कें भी भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ के कारण बंद हैं।
राहत-बचाव अभियान जारी, यात्राएं स्थगित
एसडीआरएफ, पुलिस, नागरिक प्रशासन और अन्य एजेंसियां राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। लापता लोगों की तलाश के साथ ही क्षति का आकलन और आवश्यक सेवाओं की बहाली का कार्य जारी है।
उपराज्यपाल लगातार हालात की निगरानी कर रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रशासन को राहत और पुनर्वास कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। प्रभावित जिलों का दौरा करने के लिए मंत्रियों के कार्यक्रम भी तय किए जा रहे हैं।
23 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने 23 जुलाई तक रियासी, उधमपुर, रामबन, जम्मू, कठुआ, सांबा, डोडा, किश्तवाड़, राजौरी और पुंछ के कई क्षेत्रों में भारी बारिश, अचानक बाढ़ और भूस्खलन की चेतावनी जारी की है। लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है।


