गुवाहाटी। असम में लगातार हो रही बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। राज्य के सात जिलों में 57 हजार से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जबकि एक व्यक्ति की मौत हो गई है। हालात बिगड़ने के बाद राज्य सरकार ने भारतीय सेना और भारतीय वायु सेना से राहत एवं बचाव कार्यों के लिए तैयार रहने को कहा है।
सात जिलों में बाढ़ का असर
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार शिवसागर जिले में बाढ़ के कारण एक व्यक्ति की मौत हुई है। इसके साथ ही इस वर्ष बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है।
बाढ़ से चराईदेव, धेमाजी, डिब्रूगढ़, जोरहाट, शिवसागर, तिनसुकिया और उदालगुरी जिले प्रभावित हैं। इनमें चराईदेव सबसे अधिक प्रभावित है, जहां करीब 24 हजार लोग बाढ़ की चपेट में हैं। धेमाजी में 22 हजार से अधिक और डिब्रूगढ़ में चार हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।
सेना और वायु सेना को तैयार रहने के निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि शिवसागर, चराईदेव और जोरहाट में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर हो रही है। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने भारतीय सेना और भारतीय वायु सेना से जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित निकालने और राहत कार्यों में सहयोग के लिए तैयार रहने का अनुरोध किया है।
मुख्यमंत्री ने चार मंत्रियों—अजंता नेओग, बिमल बोरा, केशव महंत और सुशांत बूढ़ागोहाईं—को प्रभावित जिलों का दौरा कर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करने और प्रत्येक प्रभावित परिवार तक सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
राहत और बचाव अभियान जारी
प्रशासन चार जिलों में 14 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र संचालित कर रहा है, जहां 440 विस्थापित लोगों को आश्रय दिया गया है। राज्य आपदा मोचन बल ने चराईदेव जिले के विभिन्न क्षेत्रों से 10 लोगों को सुरक्षित निकाला है।
पिछले 24 घंटों में प्रभावित लोगों के बीच चावल, दाल, नमक और सरसों के तेल सहित आवश्यक राहत सामग्री वितरित की गई है।
गांव, खेती और पशुधन को भारी नुकसान
बाढ़ के कारण राज्य के 298 गांव जलमग्न हो गए हैं। करीब 3,874 हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित हुई है। कई जिलों में तटबंध, सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे भी क्षतिग्रस्त हुए हैं।
इसके अलावा 37,500 से अधिक पालतू पशु और पोल्ट्री भी बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। डिब्रूगढ़ जिले के खोवांग क्षेत्र में बुर्हिदिहिंग नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे आसपास के इलाकों में खतरा बना हुआ है।


