नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच वैश्विक शेयर बाजारों से मिले-जुले संकेत मिल रहे हैं। अमेरिकी और यूरोपीय बाजार पिछले कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि सोमवार को एशियाई बाजारों में मिश्रित रुख देखने को मिला। हालांकि गिफ्ट निफ्टी में मामूली बढ़त दर्ज की गई, जिससे भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सपाट रहने के संकेत मिल रहे हैं।
अमेरिकी बाजार दबाव में बंद
अमेरिका और ईरान के बीच हमलों और संघर्षविराम उल्लंघन को लेकर जारी आरोप-प्रत्यारोप के कारण निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। इसी वजह से वॉल स्ट्रीट के प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए।
डाउ जॉन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.09 प्रतिशत गिरकर 51,876.11 अंक पर बंद हुआ। एसएंडपी 500 इंडेक्स 0.05 प्रतिशत टूटकर 7,354.02 अंक पर पहुंच गया, जबकि नैस्डैक 0.24 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,297.62 अंक पर बंद हुआ। हालांकि सोमवार सुबह डाउ जॉन्स फ्यूचर्स में 0.09 प्रतिशत की हल्की तेजी देखी गई।
यूरोपीय बाजारों में भी बिकवाली
यूरोप के प्रमुख शेयर बाजारों में भी निवेशकों ने मुनाफावसूली की। एफटीएसई इंडेक्स 0.21 प्रतिशत, सीएसी इंडेक्स 0.56 प्रतिशत और डीएएक्स इंडेक्स 1.31 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख
एशिया के नौ प्रमुख बाजारों में से छह में बढ़त और तीन में गिरावट दर्ज की गई।
निक्केई इंडेक्स 0.78 प्रतिशत, जकार्ता कंपोजिट 0.63 प्रतिशत और कोस्पी इंडेक्स 2.20 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। वहीं हैंग सेंग इंडेक्स में 2.08 प्रतिशत की मजबूत तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा सेट कंपोजिट, ताइवान वेटेड, शंघाई कंपोजिट और स्ट्रेट्स टाइम्स इंडेक्स भी बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं।
गिफ्ट निफ्टी में मामूली बढ़त
गिफ्ट निफ्टी 0.03 प्रतिशत की हल्की बढ़त के साथ 24,104 अंक के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जिससे भारतीय बाजार की शुरुआत सीमित उतार-चढ़ाव के साथ होने की संभावना जताई जा रही है।
पश्चिम एशिया पर निवेशकों की नजर
विश्लेषकों के अनुसार पश्चिम एशिया की स्थिति, अमेरिका-ईरान संबंधों में होने वाले घटनाक्रम और वैश्विक निवेशकों की सतर्कता आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार की दिशा तय करेंगे।
