कोलकाता। पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी राजनीतिक खींचतान के बीच पार्टी के तीन बैंक खातों को डेबिट फ्रीज कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद इन खातों से फिलहाल किसी भी प्रकार की निकासी नहीं की जा सकेगी। सूत्रों के अनुसार, इन तीनों खातों में कुल लगभग 440 करोड़ रुपये जमा हैं।
अरूप विश्वास के पत्र के बाद हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, तृणमूल नेता अरूप विश्वास ने हाल ही में संबंधित निजी बैंक को पत्र लिखकर खातों को फ्रीज करने का अनुरोध किया था। वहीं पार्टी के विद्रोही खेमे से जुड़े करीब 10 विधायकों ने भी बिधाननगर पुलिस आयुक्तालय में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए खातों के डेबिट लेनदेन पर रोक लगाने का निर्देश दिया।
‘वास्तविक तृणमूल’ को लेकर बढ़ा विवाद
तृणमूल कांग्रेस में इन दिनों ‘वास्तविक तृणमूल’ को लेकर अंदरूनी संघर्ष जारी है। पार्टी से अलग राह अपनाने वाले कुछ सांसदों और असंतुष्ट विधायकों का दावा है कि वे ही पार्टी की मूल विचारधारा और संगठन का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसी विवाद के बीच बैंक खातों को लेकर नया विवाद सामने आया है।
कोषाध्यक्ष बदलने के बाद बढ़ी उलझन
सूत्रों के मुताबिक, अरूप विश्वास ने उस समय बैंक को पत्र लिखा था जब वह पार्टी के कोषाध्यक्ष थे। पांच जून को संगठनात्मक बदलाव के दौरान उनकी जगह पूर्व राज्यसभा सांसद शुभाशीष चक्रवर्ती को नया कोषाध्यक्ष बनाया गया था। हालांकि बैंक रिकॉर्ड में अभी तक अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता के रूप में बदलाव नहीं हुआ है, जिसके कारण अरूप विश्वास का नाम ही दर्ज है।
विद्रोही विधायकों ने लगाए गंभीर आरोप
गुरुवार को कई विद्रोही तृणमूल विधायकों ने बिधाननगर पुलिस के साइबर थाने में शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया कि संबंधित खातों में पद और प्रभाव का दुरुपयोग कर अवैध रूप से प्राप्त धन जमा किया गया है। शिकायत में आशंका जताई गई कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो डिजिटल लेनदेन से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य नष्ट हो सकते हैं।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की और प्रारंभिक जांच के बाद संबंधित खातों के डेबिट लेनदेन पर रोक लगा दी।
तीन खातों में जमा हैं करोड़ों रुपये
चुनाव आयोग को पहले उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों के अनुसार, फ्रीज किए गए खातों में एक खाता अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के नाम पर है, जबकि अन्य दो खाते पार्टी की त्रिपुरा और गोवा इकाइयों के नाम से संचालित हैं।
कुणाल घोष ने दी प्रतिक्रिया
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए तृणमूल विधायक कुणाल घोष ने कहा कि शिकायत दर्ज कराना किसी भी व्यक्ति का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन पार्टी अध्यक्ष ममता बनर्जी से चर्चा के बाद भी यह मुद्दा उठाया जा सकता था। उन्होंने कहा कि यह देखना होगा कि प्राथमिकता निष्पक्ष जांच को दी जा रही है या पार्टी को राजनीतिक रूप से असहज स्थिति में डालने को।
