काराकास। वेनेजुएला में आए भीषण दोहरे भूकंप के बाद हालात लगातार बदतर होते जा रहे हैं। नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिगेज के अनुसार, आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 2,295 हो गई है, जबकि हजारों लोग घायल हैं। इस बीच, संयुक्त राष्ट्र (UN) के स्थानीय समन्वयक जियानलुका रैम्पोला ने आशंका जताई है कि हताहतों का कुल आंकड़ा 10,000 के पार जा सकता है। संयुक्त राष्ट्र ने आपातकालीन स्थिति को देखते हुए 10,000 बॉडी बैग मंगवाए हैं।
ईंधन संकट से बचाव कार्य धीमा, 43 हजार से अधिक लापता
बीते 24 जून को आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप के बाद अब तक 782 आफ्टरशॉक्स दर्ज किए जा चुके हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस समय 43,000 से ज्यादा लोग लापता हैं और करीब 16 हजार लोग बेघर हो चुके हैं। नासा के अनुमान के अनुसार, 59,000 इमारतें मलबे में तब्दील हो चुकी हैं। दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडारों में से एक होने के बावजूद, वेनेजुएला इस समय गंभीर ईंधन संकट से जूझ रहा है। पेट्रोल-डीजल न मिलने के कारण राहत कार्यों में लगी भारी मशीनरी ठप है, जिससे मजबूरन लोग हाथों से मलबा हटाकर अपनों को तलाश रहे हैं।
वैश्विक मदद की अपील और अमेरिकी सेना की तैनाती
इस अभूतपूर्व मानवीय त्रासदी से निपटने के लिए भारत सहित दुनिया भर के प्रमुख देशों ने मदद का हाथ बढ़ाया है। राहत कार्यों में सहयोग के लिए वेनेजुएला और पड़ोसी द्वीपों पर 1,700 अमेरिकी सैनिकों को तैनात किया गया है। वहीं, वर्ल्ड फूड प्रोग्राम (WFP) ने प्रभावित 5 लाख लोगों तक आपातकालीन खाद्य सामग्री पहुंचाने के लिए दुनिया से 5 करोड़ डॉलर की वित्तीय मदद की गुहार लगाई है। सहायता समूहों ने चेतावनी दी है कि वेनेजुएला की पहले से बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था इस भारी दबाव के कारण पूरी तरह चरमरा गई है।
