पश्चिमी सिंहभूम। जिले के मंझारी प्रखंड के नगरकट्टा गांव में विकास, स्वास्थ्य सुविधाओं और सामाजिक मुद्दों को लेकर ग्रामीणों की बैठक आयोजित की गई। ग्रामीण मुंडा भगवान बिरुवा की अध्यक्षता में हुई बैठक में गांव की समस्याओं के समाधान और विकास कार्यों को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में ग्रामीणों ने सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन, पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को मजबूत करने और क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए सामूहिक पहल करने का निर्णय लिया। इसमें गांव के बुजुर्गों, महिलाओं, युवाओं और बुद्धिजीवियों ने भाग लिया।
स्वास्थ्य केंद्र समेत कई मांगों पर बनी सहमति
आदिवासी हो समाज युवा महासभा के पश्चिमी सिंहभूम जिला अध्यक्ष शेरसिंह बिरुवा ने बैठक में चल रही एसआईआर प्रक्रिया की जानकारी दी और ग्रामीणों से इसमें सक्रिय भागीदारी की अपील की।
ग्रामीणों ने नगरकट्टा में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए नए स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना की मांग उठाई। इस संबंध में जल्द ही पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त को मांग-पत्र सौंपने का निर्णय लिया गया, ताकि लोगों को इलाज के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों पर निर्भर नहीं रहना पड़े।
बैठक में हो समाज की पारंपरिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मानकी-मुंडा आवास निर्माण, देशाउली (पारंपरिक पूजा स्थल) की घेराबंदी और जर्जर ग्रामीण सड़क के निर्माण की मांग भी रखी गई। वहीं मझगांव प्रखंड के पांडुकी में हुई घटना को लेकर चिंता जताते हुए प्रशासन से निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई की मांग की गई।
ग्रामीणों ने मंझारी प्रखंड स्तर पर समाज के बुद्धिजीवियों, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न वर्गों के लोगों की भागीदारी से एक बड़ी बैठक आयोजित करने का भी निर्णय लिया। इसमें सामाजिक, सांस्कृतिक और विकास से जुड़े मुद्दों पर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।
बैठक में आदिवासी हो समाज युवा महासभा के जिला सचिव ओयबन हेम्ब्रम सहित भगवान बिरुवा, शेरसिंह बिरुवा, बुदिया बिरुवा, बाबेन बिरुवा, मंगल सिंह सांडिल और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।


