Homeझारखंडमुख्यमंत्री ने दिया जलस्रोतों से अतिक्रमण हटाने का सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री ने दिया जलस्रोतों से अतिक्रमण हटाने का सख्त निर्देश

रांची : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने शुक्रवार को कांके रोड (रांची) स्थित आवासीय कार्यालय में नगर विकास एवं आवास विभाग की अद्यतन प्रगति की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में विभागीय मंत्री सुदिव्य कुमार और राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार सहित कई वरीय अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम जनता को निर्धारित समय सीमा के भीतर मिलना चाहिए, क्योंकि विभाग का मूल उद्देश्य केवल भौतिक बुनियादी ढांचे का निर्माण करना नहीं बल्कि नागरिकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाना है।

जलस्रोतों पर अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ दर्ज होगी प्राथमिकी

बैठक में मुख्यमंत्री सोरेन ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया। उन्होंने अधिकारियों को शहरी क्षेत्रों से गुजरने वाली नदियों, तालाबों, डैमों और नालियों पर बने अवैध निर्माणों को चिन्हित कर तत्काल हटाने का आदेश दिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि अतिक्रमणकारियों को लिखित नोटिस जारी किया जाए और खाली न करने की स्थिति में उनके खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कर अवैध संरचनाओं को ध्वस्त किया जाए। राजधानी के ऐतिहासिक कांके डैम के संरक्षण के लिए उन्होंने कैचमेंट एरिया की घेराबंदी करने और डैम में सीधे गिरने वाले गंदे नालों को तत्काल बंद करने की समयबद्ध कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया।

रिंग रोड पर लगेंगे सोलर पैनल, झिरी कचरा डंपयार्ड का होगा आधुनिक निस्तारण

शहरी बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने के क्रम में मुख्यमंत्री ने रांची सहित राज्य के सभी रिंग रोड के किनारे अगले 15 दिनों के भीतर सोलर पैनल और स्मार्ट स्ट्रीट लाइट लगाने से संबंधित प्रस्ताव कैबिनेट से पारित कराने का निर्देश दिया। साथ ही रिंग रोड क्षेत्र में वाटर और सीवर पाइपलाइन बिछाने की बात कही। शहरों की सबसे बड़ी चुनौती कचरा प्रबंधन को लेकर उन्होंने रांची के झिरी स्थित ‘लीगेसी वेस्ट’ (कचरे के पहाड़ों) का आधुनिक तकनीकों के माध्यम से वैज्ञानिक निस्तारण करने पर जोर दिया और आम नागरिकों से गीले व सूखे कचरे को अलग-अलग करने की अपील की।

परियोजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं, डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम होगा मजबूत

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में सचेत किया कि किसी भी शहरी विकास परियोजना में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समयबद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ‘डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम’ को और अधिक सशक्त किया जाएगा। मानसून से पूर्व जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान निकालने, सड़कों के किनारे लगे पेड़ों की ट्रिमिंग करने तथा शत-प्रतिशत घरों में पाइपलाइन से शुद्ध पेयजल पहुँचाने के निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने ऑनलाइन माध्यम से जुड़कर राजमहल, साहिबगंज और धनबाद में संचालित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की कार्यप्रणाली का भी सीधा अवलोकन किया।

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