मन की बात: प्रधानमंत्री ने स्वदेशी रक्षा, योग और सामाजिक बदलाव की प्रेरक पहलों का किया उल्लेख

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 135वें संस्करण में देश की रक्षा क्षमता, विमानन क्षेत्र, योग, पर्यावरण संरक्षण, खेल और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में देश लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है।

स्वदेशी रक्षा शक्ति पर जोर

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय नौसेना में शामिल हुए तीन नए युद्धपोत पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से तैयार किए गए हैं। इसके साथ ही भारत में निर्मित सी-295 सैन्य परिवहन विमान की पहली सफल उड़ान भी देश के रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज मिसाइल के सफल परीक्षण ने भी भारत की रक्षा क्षमता को और मजबूत किया है।

योग की वैश्विक लोकप्रियता बढ़ी

प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि इस वर्ष दुनिया भर के 2,500 से अधिक प्रमुख स्थानों पर योग कार्यक्रम आयोजित हुए। उन्होंने अहमदाबाद में आयोजित विश्व योगासन चैंपियनशिप 2026 में भारतीय खिलाड़ियों द्वारा 114 पदक, जिनमें 102 स्वर्ण पदक शामिल हैं, जीतने पर भी खुशी जताई।

हरगिला संरक्षण बना प्रेरणा

प्रधानमंत्री ने असम में जीव-विज्ञानी पूर्णिमा देवी बर्मन और स्थानीय महिलाओं द्वारा चलाए जा रहे हरगिला संरक्षण अभियान की सराहना की। उन्होंने कहा कि कभी अशुभ माने जाने वाले इस दुर्लभ पक्षी को आज जनभागीदारी के माध्यम से संरक्षण मिला है और यह सामाजिक सोच में सकारात्मक बदलाव का उदाहरण है।

नागालैंड में खेल संस्कृति को बढ़ावा

उन्होंने नागालैंड बेबी लीग और नागालैंड वूमेन फुटसल लीग का उल्लेख करते हुए कहा कि ये पहल बच्चों और महिलाओं को खेलों से जोड़ने के साथ उनके आत्मविश्वास और प्रतिभा को भी नया मंच दे रही हैं।

बीमा योजनाओं का बढ़ा दायरा

प्रधानमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से अब तक 58 करोड़ से अधिक लोग जुड़ चुके हैं, जबकि प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना का लाभ 27 करोड़ से अधिक लोगों को मिल रहा है। उन्होंने लोगों से इन योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की अपील की।

समाज सेवा की अनूठी मिसाल

प्रधानमंत्री ने महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले के बहादुरपुरा गांव के पेठकर परिवार का उदाहरण साझा किया। उन्होंने बताया कि परिवार ने विवाह समारोह में उपहार देने के बजाय गांव के लगभग 3,500 लोगों का दुर्घटना बीमा कराया। प्रधानमंत्री ने इसे सामाजिक जिम्मेदारी और जनसेवा की प्रेरणादायक पहल बताया।

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