नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार सुबह कहा कि आत्मिक विकास व्यक्ति के भीतर सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण की भावना का संचार करता है। इसी प्रेरणा से आज देश की युवा शक्ति हर क्षेत्र में भारत को आगे बढ़ा रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सामाजिक माध्यम ‘एक्स’ पर एक सुभाषितम् साझा करते हुए लिखा कि आत्मिक विकास केवल व्यक्तिगत उन्नति तक सीमित नहीं होता, बल्कि समाज और राष्ट्र के कल्याण की भावना को भी मजबूत करता है।
सुभाषितम् के माध्यम से दिया संदेश
प्रधानमंत्री ने जो सुभाषितम् साझा किया, वह है – “आत्मोदयः परज्यानिर्द्वयं नीतिरितीयती। तदूरीकृत्य कृतिभिर्वाचस्पत्यं प्रतायते।।


