रांची : प्रांतीय राजधानी रांची सहित पूरे झारखंड में ईद-उल-अजहा (बकरीद) का त्योहार धार्मिक श्रद्धा, उत्साह और आपसी भाईचारे के माहौल में पारंपरिक अकीदत के साथ मनाया गया। सुबह से ही राजधानी की विभिन्न ऐतिहासिक मस्जिदों और ईदगाहों में नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने नए परिधान धारण कर ईदगाहों और मस्जिदों में मुख्य नमाज अदा की। नमाज की समाप्ति के बाद सभी ने एक-दूसरे को गले लगाकर बकरीद की मुबारकबाद दी और देश में अमन, शांति व खुशहाली की सामूहिक दुआ मांगी।
राजधानी के मुख्य मार्ग (मेन रोड) स्थित जामा मस्जिद, हिंदपीढ़ी, डोरंडा, कांके, बरियातू, नामकुम, हरमू रोड, कडरू और कांटा टोली सहित विभिन्न संवेदनशील और प्रमुख इलाकों की मस्जिदों में सुबह से ही उत्सव का माहौल रहा। नमाज के दौरान इमामों ने उपस्थित जनसमूह को कुर्बानी के वास्तविक महत्व, त्याग, इंसानियत और सामाजिक भाईचारे का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बकरीद का यह पावन पर्व केवल कुर्बानी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के गरीब व जरूरतमंदों की बढ़-चढ़कर मदद करने तथा आपसी प्रेम व सद्भाव को अक्षुण्ण बनाए रखने की प्रेरणा देता है।
इस विशेष अवसर पर रांची ईदगाह के मौलाना असगर मिस्बाही ने कहा कि देश में अमन-चैन बना रहे, सभी नागरिक खुशहाल रहें और हमारी कौमी एकता कायम रहे, इसे लेकर विशेष प्रार्थना की गई है। वहीं, नमाज अदा करने पहुँचे आम नागरिकों ने भी भारत की महान गंगा-जमुनी तहजीब को और मजबूत बनाने का संकल्प दोहराया। त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला व पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राकेश रंजन ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर सभी प्रमुख ईदगाहों और मस्जिदों के बाहर अतिरिक्त पुलिस बलों व त्वरित कार्यबल की तैनाती की गई थी, जिसके कारण पूरा पर्व शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।
