रांची। झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी समेत अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ जारी छात्र आंदोलन की गूंज अब संसद तक पहुंच गई है। बुधवार को भाजपा सांसदों ने संसद भवन परिसर के मकर द्वार पर प्रदर्शन कर झारखंड में छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और पुलिस कार्रवाई का विरोध किया।
भाजपा के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व में झारखंड और ओडिशा के सांसदों ने प्रदर्शन किया। सांसदों ने कहा कि छात्रों के अधिकार और न्याय की लड़ाई अब केवल झारखंड तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसकी आवाज संसद तक पहुंच चुकी है।
सरकार और कांग्रेस पर साधा निशाना
प्रदर्शन के दौरान भाजपा सांसदों ने छात्र आंदोलन पर कथित पुलिस कार्रवाई का विरोध किया और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की चुप्पी पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में कांग्रेस झामुमो सरकार की सहयोगी होने के कारण इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए है।
आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि मंगलवार देर रात जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम स्थित आंदोलन स्थल पर जिला प्रशासन और भारी पुलिस बल के साथ पहुंचकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों को हटाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं के धरना स्थल पहुंचते ही प्रशासन का पीछे हटना इस बात का संकेत है कि सरकार दमन के जरिए आंदोलन को दबाना चाहती है।
जांच और संवाद की मांग
भाजपा सांसदों ने राज्य सरकार से छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने, कथित लाठीचार्ज की जांच कराने और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मामले में संवाद के जरिए समाधान निकालने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने “झारखंड में छात्रों पर हुई लाठीचार्ज पर राहुल गांधी जवाब दो”, “छात्रों पर हुई हिंसा पर राहुल गांधी जवाब दो” और “छात्रों पर हुए अन्याय पर राहुल गांधी जवाब दो” जैसी तख्तियां हाथों में लेकर प्रदर्शन किया।
इस प्रदर्शन में निशिकांत दुबे, विद्युत वरण महतो, बीडी राम, डॉ. प्रदीप वर्मा, चंद्रप्रकाश चौधरी, मनीष जायसवाल और कालीचरण सिंह सहित झारखंड के कई सांसद शामिल हुए। ओडिशा के सांसदों ने भी झारखंड के छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन में भाग लिया।


