Homeझारखंडझारखंड विधानसभा में हंगामे के बीच 4833.39 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश

झारखंड विधानसभा में हंगामे के बीच 4833.39 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश

रांची। झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन साेमवार काे सदन की कार्यवाही शुरूआत हंगामे के साथ हुई। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की तरफ से सदन के बाहर हंगामा किया गया। हंगामे के बीच प्रभारी मंत्री रामेश्वर उरांव ने 4833.39 करोड़ का प्रथम अनुपूरक बजट पेश किया। 30 जुलाई को उस पर चर्चा की जाएगी, जिसके बाद बजट पास होगा। अनुपूरक बजट पेश होते ही विपक्ष के हंगामे के बाद स्पीकर ने सदन मंगलवार 11:00 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।

मुझे शर्म आती है कांग्रेस की सोच पर : विरंची नारायण

इससे पहले एक तरफ सत्ता पक्ष के विधायक निशिकांत दुबे के संसद में दिए गए बयान पर भाजपा को घेरते नजर आई तो वहीं दूसरी तरफ भाजपा के विधायक बदलती डेमोग्राफी और पाकुड़ की घटना को लेकर हमलावर दिखाई दिए। सदन के बाहर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की तरफ से जमकर नारेबाजी हुई और धरना दिया गया। भाजपा विधायक बिरंची नारायण ने कांग्रेस विधायक नेहा शिल्पी तिर्की के बयान पर कहा कि इसका सबसे अच्छा जवाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर हैं, जो बिहार से आते हैं, इसका मतलब वह घुसपैठी हैं। मंत्री रामेश्वर उरांव भी बिहार से ही है तो उनको भी घुसपैठी कह देंगे। मुझे शर्म आती है कांग्रेस की सोच और इस बयान की घोर निंदा करता हूं।

संथाल की डेमोग्राफी चेंज करने में यहां की सरकार लगी हुई : रणधीर

विधायक रणधीर सिंह ने कहा कि सिर्फ झारखंड ही नहीं, बल्कि जहां-जहां इंडी गठबंधन की सरकार है, वहां पर यह लोग बांग्लादेश की सीमा को खोल देते हैं। इनको वोट बैंक बढ़ाना है। सारठ विधानसभा क्षेत्र में अब बांग्लादेश से लोग भर चुके हैं। पूरी संथाल की डेमोग्राफी चेंज करने में यहां की सरकार लगी हुई है। वहां पर केंद्र सरकार को हस्तक्षेप करके जल्द से जल्द नियम लागू करने चाहिए। कांग्रेस पार्टी हमेशा से झारखंड बिहार के लोगों को अलग करने का काम करती रही है। कांग्रेस विधायक ने ऐसा बयान देकर कांग्रेस की मानसिकता को दर्शाया है। यदि बिहार से पर अन्य प्रदेशों से लोग यहां आते हैं और नागरिक हैं तो उनका वोट भी चाहिए कांग्रेस को और उनको ही गाली भी देंगे।

डेमोग्राफी से आदिवासियों की जनसंख्या घट रही : बाबूलाल मरांडी

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक बाबूलाल मरांडी ने कहा कि 26 जुलाई की रात को पाकुड़ में पुलिस ने कॉलेज के छात्रों को बेरहमी से पीटा और उन्हें लहूलुहान कर दिया। इसका केवल एक ही कारण था कि कॉलेज के लड़के और ट्राइबल ऑर्गेनाइजेशन है संथाल में यह सब मिलकर 27 जुलाई को धरना पर बैठने वाले थे। उन्होंने कहा कि जिस तरह से संथाल में डेमोग्राफी बदल रही है और खासकर की आदिवासियों की जनसंख्या घट रही है उससे आज आदिवासी लोग प्रताड़ित हो रहे हैं। मामले को दबाने के लिए पुलिस ने देर रात जाकर छात्रों को पीटा। निशिकांत दुबे के बयान पर बाबूलाल मरांडी ने कहा कि वह उनका व्यक्तिगत बयान है, पार्टी का नहीं।

चुनाव को प्रभावित करने के लिए संथाल को आधार बना रहा विपक्ष : हफीजुल हसन

इसका जवाब देते हुए मंत्री हफीजुल हसन ने कहा कि संथाल परगना को सिर्फ चुनाव को प्रभावित करने के लिए विपक्ष आधार बना रहा है। हम भी देखना चाहते हैं कि बांग्लादेशी कैसे होते हैं। अभी तक हमने एक भी बांग्लादेशी झारखंड में नहीं देखा। बिहारी घुसपैठ कैसे होगा। पहले झारखंड बिहार का हिस्सा था। उस वक्त हर कोई बिहारी था। जब हमारा जन्म हुआ तब हम भी बिहारी थे।

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